Gandhi Jayanti: महात्मा गांधी की जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित गांधी स्मृति पहुंचे। यहां उन्होंने विशेष सर्वधर्म प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया और महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित कर उनके सत्य, शांति और अहिंसा के विचारों को याद किया।
कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों और कलाकारों ने भजन भी प्रस्तुत किए। गांधी जयंती हर साल 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती के रूप में मनाई जाती है।
राजघाट पर भी बापू को किया नमन
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की और सर्वधर्म प्रार्थना सभा में शामिल हुए। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, मोदी ने गांधीजी के जीवन, सादगी, साहस और राष्ट्रसेवा को याद किया।2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में जन्मे महात्मा गांधी भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख नेताओं में रहे। उनके नेतृत्व में दांडी मार्च और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे आंदोलनों ने स्वतंत्रता संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।संयुक्त राष्ट्र ने भी 2 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में घोषित किया है।
उपराष्ट्रपति CP राधाकृष्णन ने भी दी श्रद्धांजलि
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी गांधी स्मृति पहुंचकर महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने गांधीजी के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान और उनके शांति व सामाजिक सद्भाव के संदेश को याद किया।गांधी जयंती के मौके पर देशभर में अलग-अलग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया और लोगों ने महात्मा गांधी के विचारों को याद किया।
लाल बहादुर शास्त्री को भी PM मोदी ने किया नमन
2 अक्टूबर को ही देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती भी मनाई जाती है। प्रधानमंत्री मोदी ने विजय घाट पहुंचकर शास्त्री जी की समाधि पर भी पुष्पांजलि अर्पित की।लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में हुआ था। वह 1964 से 1966 तक देश के प्रधानमंत्री रहे। उनके नाम के साथ 'जय जवान, जय किसान' का नारा खास तौर पर जुड़ा है।भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौर में उनके नेतृत्व और कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर को भी उनके सार्वजनिक जीवन की महत्वपूर्ण बातों में गिना जाता है।