Intelligent Highways: भारत में भविष्य के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को स्मार्ट और डिजिटल बनाने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने Global Fintech Fest 2026 में कहा कि आने वाले समय में देश की मोबिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर व्यवस्था इंटेलिजेंट हाईवे, डिजिटल पेमेंट और डेटा आधारित तकनीक से संचालित होगी।
मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में गडकरी ने 'OneTag' सुविधा लॉन्च की। इसके जरिए वाहन मालिक अपना मौजूदा FASTag नए बैंक अकाउंट से लिंक कर सकेंगे। यह सुविधा Rajmarg Yatra ऐप के माध्यम से उपलब्ध होगी।
क्या है OneTag सुविधा?
OneTag के जरिए वाहन मालिकों को बैंक अकाउंट बदलने पर नया FASTag लेने की जरूरत नहीं होगी। वे अपने मौजूदा FASTag को ही नए बैंक अकाउंट से लिंक कर सकेंगे। गडकरी ने कहा कि यह पहल भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में इंटरऑपरेबिलिटी, इनोवेशन और ग्राहक-केंद्रित सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
13 करोड़ FASTag जारी, 98% से ज्यादा टोल प्लाजा पर इस्तेमाल
गडकरी ने FASTag को डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के सफल तालमेल का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि नेशनल हाईवे के टोल प्लाजा पर FASTag की पहुंच 98 फीसदी से ज्यादा हो चुकी है और देशभर में करीब 13 करोड़ FASTag जारी किए जा चुके हैं।
अब बैरियर फ्री टोलिंग की तैयारी
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार FASTag और Automatic Number Plate Recognition (ANPR) तकनीक के जरिए बैरियर-फ्री टोलिंग सिस्टम की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि Multi-Lane Free Flow (MLFF) टोलिंग को 11 मई 2026 को मुंबई के एक टोल प्लाजा पर लागू किया गया। सरकार का लक्ष्य अगले एक साल में हाईवे नेटवर्क पर बैरियर-फ्री टोलिंग व्यवस्था को व्यापक रूप से लागू करने की दिशा में आगे बढ़ना है।
कम होगा टोल प्लाजा पर इंतजार
गडकरी के मुताबिक, डिजिटल टोलिंग से टोल प्लाजा पर वाहनों के रुकने का समय, ईंधन की खपत और राजस्व लीकेज कम हुआ है। उन्होंने बताया कि पहले टोल प्लाजा पर वाहनों को औसतन करीब 12 मिनट तक इंतजार करना पड़ता था। अब डिजिटल सिस्टम के जरिए इस रुकावट को और कम करने पर जोर दिया जा रहा है।
सरकार को होगी हजारों करोड़ रुपये की बचत
गडकरी ने कहा कि टोलिंग सिस्टम में डिजिटलीकरण बढ़ने से इसके संचालन की लागत में भी बड़ी कमी आ सकती है। उनके मुताबिक, जो ऑपरेशनल कॉस्ट पहले करीब 12-15 फीसदी थी, वह डिजिटल सिस्टम के जरिए घटकर 2-3 फीसदी तक आ सकती है। उन्होंने अनुमान जताया कि इससे सरकार को करीब 6,000 से 7,000 करोड़ रुपये की बचत हो सकती है।
FASTag से बैंकिंग और इंश्योरेंस तक जुड़ेगा डेटा
गडकरी ने कहा कि मोबिलिटी के अगले चरण में FASTag, वाहन, इंश्योरेंस और बैंकिंग सिस्टम के डेटा को ज्यादा प्रभावी तरीके से जोड़ने की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि इस पूरी व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत 'इंटरऑपरेबिलिटी' है। उन्होंने रिसर्च और नई सिफारिशों पर जोर देते हुए कहा कि डिजिटल सिस्टम को ध्यान में रखकर भविष्य की इंफ्रास्ट्रक्चर पॉलिसी तैयार करनी होगी।
भारत के युवा दुनिया के लिए बना सकते हैं तकनीक
गडकरी ने इनोवेशन, उद्यमिता, विज्ञान, तकनीक और रिसर्च की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ज्ञान को संपदा में बदलने के लिए भारत के युवा इनोवेटर्स और स्टार्टअप बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। उनका कहना है कि भारत में विकसित की जाने वाली तकनीकें सिर्फ देश की जरूरतें पूरी करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन्हें पूरी दुनिया के लिए उपयोगी बनाया जा सकता है।