नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना को आज देश में बने दो अहम ट्रेनर विमान मिलने जा रहे हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार, 18 सितंबर को बेंगलुरु में LCA तेजस FOC ट्विन-सीटर ट्रेनर और HTT-40 बेसिक ट्रेनर विमान वायुसेना को सौंपेंगे। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड यानी HAL की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू समेत कई बड़े अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
आज वायुसेना को मिलेंगे दो तेजस ट्रेनर
HAL आज तेजस के दो FOC ट्विन-सीटर ट्रेनर विमान वायुसेना को देगा। ये पुराने LCA Mk-1 ऑर्डर के आखिरी दो विमान हैं। HAL के CMD रवि के. के मुताबिक, इन दो विमानों की डिलीवरी के साथ 40 LCA Mk-1 विमानों वाले पुराने ऑर्डर की डिलीवरी पूरी हो जाएगी।
ट्विन-सीटर का मतलब है कि विमान में दो लोगों के बैठने की जगह होती है। इसका इस्तेमाल पायलटों को तेजस उड़ाने की ट्रेनिंग देने में किया जा सकता है। यानी नए पायलट ट्रेनिंग के दौरान इंस्ट्रक्टर के साथ विमान में उड़ान भर सकते हैं।
HTT-40 भी पहली बार वायुसेना को मिलेगा
इसके साथ ही आज HTT-40 बेसिक ट्रेनर विमान की पहली खेप भी वायुसेना को दी जाएगी। यह विमान नए पायलटों की शुरुआती ट्रेनिंग के लिए बनाया गया है। किसी लड़ाकू विमान पर ट्रेनिंग शुरू करने से पहले पायलटों को बेसिक फ्लाइंग की ट्रेनिंग दी जाती है और HTT-40 इसी काम में इस्तेमाल होगा। HAL को वायुसेना के लिए कुल 70 HTT-40 विमान बनाने का ऑर्डर मिला है। आज इसकी शुरुआती खेप सौंपी जाएगी। इस प्रोजेक्ट में सप्लाई से जुड़ी दिक्कतों के कारण पहले देरी हुई थी।
27 तेजस Mk1A तैयार, लेकिन डिलीवरी में अभी देरी
आज के कार्यक्रम के बीच तेजस Mk1A को लेकर भी बड़ी अपडेट सामने आई है। HAL के CMD रवि के. ने बताया कि कंपनी के पास 27 तेजस Mk1A एयरफ्रेम तैयार हैं। हालांकि इनमें रडार और हथियारों को जोड़ने से जुड़े कुछ काम और टेस्ट अभी बाकी हैं। उन्होंने बताया कि AESA रडार का काम करीब 90-95 फीसदी तक पूरा हो चुका है। बाकी टेस्ट पूरे होने के बाद Mk1A की डिलीवरी शुरू की जाएगी। HAL को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष में वायुसेना को Mk1A की डिलीवरी शुरू हो सकती है।
ध्रुव NG हेलिकॉप्टर भी सौंपे जाएंगे
आज सिर्फ तेजस और HTT-40 ही नहीं दिए जाएंगे। इसी कार्यक्रम में HAL की ओर से ध्रुव NG हेलिकॉप्टर भी पवन हंस लिमिटेड को सौंपे जाएंगे। इस कार्यक्रम का मकसद देश में बने विमानों और हेलिकॉप्टरों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है।
भारत में बने विमानों को बढ़ावा
तेजस, HTT-40 और ध्रुव NG की डिलीवरी को भारत में विमान और हेलिकॉप्टर बनाने की क्षमता के लिए अहम माना जा रहा है। तेजस का इस्तेमाल लड़ाकू भूमिका के साथ पायलट ट्रेनिंग में भी किया जा रहा है, जबकि HTT-40 नए पायलटों की शुरुआती ट्रेनिंग के लिए काम आएगा।
आज होने वाला कार्यक्रम इसलिए भी खास है क्योंकि एक तरफ वायुसेना को तेजस के पुराने ऑर्डर के आखिरी दो ट्रेनर विमान मिलेंगे, वहीं दूसरी तरफ HTT-40 की डिलीवरी की शुरुआत होगी। इसी बीच तेजस Mk1A की डिलीवरी के लिए बचे तकनीकी काम को पूरा करने की तैयारी भी चल रही है।
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