Dhruv Rathee Released: यूट्यूबर ध्रुव राठी को दिल्ली में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के विरोध प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें देर रात करीब 3 बजे रिहा कर दिया गया। ध्रुव राठी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए भारत आए थे। पुलिस का कहना था कि प्रदर्शन की अनुमति नहीं ली गई थी और निषेधाज्ञा लागू होने के कारण उन्हें जंतर-मंतर जाने से रोका गया।

घर से हिरासत में लिए गए थे ध्रुव राठी
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, ध्रुव राठी को पहले समझाया गया था कि वह बिना अनुमति आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल न हों। पुलिस का दावा है कि चेतावनी के बावजूद वह प्रदर्शन में जाने की बात कह रहे थे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें एहतियातन हिरासत में ले लिया। रिपोर्ट के अनुसार, सुबह करीब 7:30 बजे सादे कपड़ों में लगभग 30 पुलिसकर्मी केंद्रीय विहार स्थित उनके आवास पर पहुंचे। वहां से उन्हें हिरासत में लेकर सेक्टर-39 स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय ले जाया गया। पुलिस ने कार्रवाई के पीछे कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी अप्रिय घटना को रोकने का तर्क दिया।

ध्रुव राठी की पत्नी जूली ने की थी रिहाई की अपील
ध्रुव राठी की हिरासत की खबर सामने आने के बाद उनकी पत्नी जूली एलबीआर-राठी ने सोशल मीडिया पर चिंता जताई थी। जर्मनी में मौजूद जूली ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए दिल्ली पुलिस से अपने पति को रिहा करने की अपील की।

जूली ने लिखा कि उनके पति का फोन बंद है और उनके दोस्तों के फोन भी स्विच ऑफ हैं। उन्होंने पुलिस से ध्रुव राठी को हिरासत से छोड़ने का अनुरोध किया। पोस्ट में उन्होंने हाथ जोड़ने और आंसू वाले इमोजी का भी इस्तेमाल किया।

कौन हैं ध्रुव राठी की पत्नी जूली एलबीआर-राठी?
जूली एलबीआर-राठी जर्मनी की नागरिक हैं। उनकी मुलाकात ध्रुव राठी से वर्ष 2014 में हुई थी। लंबे समय तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद दोनों ने 2021 में शादी की। दंपती का एक बेटा भी है। जूली सोशल मीडिया पर सक्रिय रहती हैं और ट्रैवल व लाइफस्टाइल से जुड़े कंटेंट में नजर आती हैं। वह ध्रुव राठी के साथ यात्रा से जुड़े वीडियो में भी दिखाई दी हैं। वहीं, ध्रुव राठी अपने यूट्यूब चैनल पर राजनीति, इतिहास, समाज और समसामयिक मुद्दों पर वीडियो बनाते हैं।

BNSS की धारा 163 का हवाला, प्रदर्शनकारियों पर भी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने बताया था कि प्रदर्शन के मद्देनजर निषेधाज्ञा लागू थी। पुलिस के अनुसार, BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंधों के बीच जंतर-मंतर पर बिना अनुमति प्रदर्शन करने की आशंका थी। इसी आधार पर ध्रुव राठी को रोका गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और अन्य राजनीतिक दलों से जुड़े कुछ पदाधिकारियों को भी जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए हिरासत में लेने या नजरबंद करने की कार्रवाई की गई थी।

क्या जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश पर फिर कार्रवाई होगी? ध्रुव राठी की दोबारा हिरासत या पुलिस की आगे की कार्रवाई को लेकर किसी नए आधिकारिक बयान की पुष्टि जरूरी है। फिलहाल, रिहाई के बाद उनके दोबारा प्रदर्शन में शामिल होने और पुलिस की संभावित कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।