Delhi Me Aaj Ka Musam: दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान मौसम का मिजाज बदला हुआ रह सकता है। राजधानी और आसपास के इलाकों में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। मौसम में यह बदलाव दिल्ली के साथ-साथ नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम में भी देखने को मिल सकता है।

भारत मंडपम में आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई बड़े वैश्विक नेता शामिल होंगे। ऐसे में राजधानी में सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था के साथ मौसम पर भी नजर रखी जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, सम्मेलन के दौरान बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां कुछ इलाकों में परेशानी बढ़ा सकती हैं, हालांकि इससे उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

12-13 सितंबर को दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। इस दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है।बारिश की गतिविधियां सुबह, दोपहर और शाम के समय अलग-अलग इलाकों में देखने को मिल सकती हैं। हालांकि, पूरे शहर में एक साथ तेज बारिश होने की संभावना नहीं है। कुछ जगहों पर हल्की फुहारें पड़ सकती हैं, जबकि कुछ इलाकों में थोड़ी देर के लिए तेज बारिश भी हो सकती है।दिल्ली के मयूर विहार, पालम, रिज और आया नगर जैसे इलाकों में बारिश की संभावना जताई गई है। सम्मेलन स्थल और इसके आसपास भी मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में भी बारिश के संकेत

दिल्ली-NCR के दूसरे हिस्सों में भी बारिश का असर दिखाई दे सकता है। नोएडा और गाजियाबाद में बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना है। फरीदाबाद और गुरुग्राम में भी मौसम सुहाना हो सकता है।पिछले कुछ दिनों से दिल्ली-NCR में उमस भरी गर्मी महसूस की जा रही है। बारिश होने पर दिन के तापमान में गिरावट आ सकती है और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।हालांकि, बारिश के बाद उमस पूरी तरह खत्म होगी या नहीं, यह बारिश की तीव्रता और हवा की दिशा पर निर्भर करेगा।

तापमान में आ सकती है गिरावट

दिल्ली के सफदरजंग मौसम केंद्र में शुक्रवार को अधिकतम तापमान करीब 36.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 3 डिग्री अधिक था। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले एक-दो दिनों में बारिश और बादलों के कारण अधिकतम तापमान करीब 30 से 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है।वहीं, न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। सुबह और रात के समय मौसम अपेक्षाकृत आरामदायक रह सकता है, लेकिन बारिश के बाद उमस बढ़ने की स्थिति भी बन सकती है।नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद में भी हाल के दिनों में अधिकतम तापमान 35 से 36 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया। बारिश के बाद इन शहरों में भी तापमान में कुछ गिरावट देखने को मिल सकती है।

बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम का असर

मौसम में बदलाव की मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी और आसपास बने कम दबाव वाले क्षेत्र को बताया जा रहा है। यह मौसम प्रणाली मध्य भारत की ओर बढ़ रही है, जिसके कारण हवाओं की दिशा में बदलाव हो रहा है।इसी सिस्टम के प्रभाव से उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में नमी बढ़ रही है। दिल्ली-NCR में अगले कुछ दिनों तक मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रहने की संभावना जताई गई है।मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, सितंबर में मानसून की वापसी से पहले कई इलाकों में बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है। इसका असर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी पड़ सकता है।

शुक्रवार की बारिश से कई इलाकों में जलजमाव

शुक्रवार को दिल्ली के कुछ हिस्सों में तेज बारिश हुई। बारिश के बाद कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बनी और व्यस्त समय में यातायात भी प्रभावित हुआ।दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने जलभराव और बारिश को देखते हुए कई प्रमुख मार्गों के लिए एडवाइजरी जारी की थी। आईटीओ, जनपथ और अन्य व्यस्त इलाकों में वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई।बारिश के दौरान सड़क पर दृश्यता कम होने, फिसलन बढ़ने और अचानक जलभराव की स्थिति बन सकती है। ऐसे में वाहन चालकों को धीमी गति से चलने और मौसम का अपडेट लेकर ही घर से निकलने की सलाह दी गई है।

BRICS समिट के दौरान यात्रियों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?

ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान दिल्ली में सुरक्षा जांच और ट्रैफिक डायवर्जन के कारण कई मार्गों पर आवाजाही प्रभावित हो सकती है। यदि बारिश भी होती है, तो यात्रा का समय और बढ़ सकता है।दिल्ली-NCR में रहने वाले लोगों को इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  • घर से निकलने से पहले मौसम और ट्रैफिक अपडेट जरूर देखें।
  • जलभराव वाले रास्तों से बचें।
  • दोपहिया वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें।
  • गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
  • सम्मेलन स्थल के आसपास जाने वाले लोग अतिरिक्त समय लेकर निकलें।
  • ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी का पालन करें।