Delhi-NCR Air Pollution: अगर आप भी दिल्ली-एनसीआर में रहते है तो आपको और अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। दरअसल एम्स के पूर्व डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने लोगों को घरों के रहने की ही सलाह दी है। जिसके बाद कई तरह की चर्चाओं शुरू हो गई है।

गौरतलब है कि दिल्ली में एक्यूआई लगातार बढ़ रहा है। कई इलाकों में तो 400 के पार पहुंच चुका है। स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी अहम जानकारी।

रणदीप गुलेरिया ने दी खास सलाह

न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए रणदीप गुलेरिया ने कहा, प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। हर साल, हम देखते हैं कि दिवाली के ठीक पहले या उसके आसपास... यह एक बहुत ही गंभीर स्थिति है। हमें प्रदूषण के गंभीर प्रभावों पर ध्यान देने की जरूरत है। जिन लोगों को सांस की पुरानी बीमारी या दिल से जुड़ी कोई समस्या है,

साथ ही आम लोगों खासकर बुजुर्गों और बच्चों को सांस लेने में ज्यादा दिक्कत हो सकती है। उन्हें सीने में जकड़न महसूस हो सकती है, और उनकी पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याएं और बिगड़ सकती हैं।

उन्हें गले में खराश, खांसी और सांस लेने में परेशानी हो सकती है। इसलिए, जब AQI 'गंभीर' (severe) श्रेणी में पहुंच जाए, तो हमें अपना ख्याल रखना चाहिए और बाहर जाने से बचना चाहिए। प्रदूषण के संपर्क में आने से बचें।

बच्चों और बुजुर्गों के लिए ज्यादा खतरनाक है जहरीली हवा

डॉ. गुलेरिया ने बच्चों और बुजुर्गों को प्रदूषण के प्रति विशेष रूप से सावधान रहने की सलाह दी है। बच्चों के फेफड़े अभी विकसित हो रहे होते हैं, इसलिए प्रदूषित हवा के लंबे समय तक संपर्क में रहने से उनके फेफड़ों की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है।

वहीं, बुजुर्गों और पहले से हृदय या सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए खराब AQI ज्यादा जोखिम पैदा कर सकता है।

प्रदूषण के कारण आंखों, नाक और गले में जलन के साथ-साथ सांस की नलियों में सूजन और अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए बच्चों को फिलहाल खुले मैदानों में खेलने और अधिक शारीरिक गतिविधियां करने से बचाना जरूरी है।

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