Delhi-NCR Schools: दिल्ली-एनसीआर में लगातार बिगड़ती हवा की गुणवत्ता ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में बढ़ते वायु प्रदूषण का सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर पड़ने की आशंका है।

खासतौर पर स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को प्रदूषित हवा से बचाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। वायु गुणवत्ता में गिरावट को देखते हुए स्कूलों को हाइब्रिड मोड में संचालित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

दिल्ली-एसनीआर में शुरू होगा ऑनलाइन क्लासेस

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने एक वीडियो संदेश में यह निर्देश जारी किया है, जिसके तहत दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में कक्षा 5 तक के छात्रों के लिए हाइब्रिड लर्निंग अनिवार्य कर दी गई है।

“कक्षा 5 तक के सभी स्कूलों को हाइब्रिड मोड में संचालित करना अनिवार्य है। ये प्रतिबंध एनसीआर के शहरों नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम और सोनीपत पर भी लागू होते हैं।”

GRAP-3 लागू होने के बाद लिया गया फैसला

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 6 नवंबर 2026 से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण यानी GRAP-3 को लागू कर दिया है।

शुक्रवार, 6 नवंबर को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 382 दर्ज किया गया था, जो 'बेहद खराब' श्रेणी में आता है। प्रदूषण के स्तर में और बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

GRAP-3 के तहत प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध, वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण और अन्य सख्त उपाय भी लागू किए गए हैं।

बता दें कि सर्दियों की शुरुआत के साथ दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की समस्या अक्सर गंभीर हो जाती है। हवा में मौजूद सूक्ष्म प्रदूषक कण बच्चों के श्वसन तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में छोटे बच्चों को अनावश्यक रूप से प्रदूषित वातावरण में रहने से बचाना जरूरी है।

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