Delhi Building Collapse: दिल्ली के चावड़ी बाजार इलाके में तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत गिरने के हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। पुलिस ने शनिवार को सभी छह मृतकों की पहचान कर ली। हादसे के बाद लगातार चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मलबे से शव निकाले गए। इस मामले में पुलिस ने तीन ठेकेदारों को भी गिरफ्तार किया है। हादसे में जान गंवाने वाले पांच लोग बिहार के रहने वाले थे, जबकि एक मृतक दिल्ली का निवासी था।

पुलिस के मुताबिक, मृतकों की पहचान संजीत कुमार, किशोरी साह, पंकज शर्मा, विपिन राम, शंतु और दिनेश साह के रूप में हुई है। इनमें विपिन राम दिल्ली के मंडावली स्थित फाजिलपुर के साकेत ब्लॉक के निवासी थे। बाकी पांच मृतक बिहार के रहने वाले थे।

गुरुवार सुबह भरभराकर गिर गई थी निर्माणाधीन इमारत
यह हादसा गुरुवार सुबह करीब 10:30 बजे पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार इलाके में अजमेरी गेट के पास गली शीश महल और गली शहतारा में हुआ था। यहां तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद कई लोग मलबे के नीचे दब गए थे।

घटना की सूचना मिलते ही राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और दिल्ली नगर निगम (MCD) की टीमें मौके पर पहुंचीं। शुरुआत में एसडीएम मनोज कुमार ने पांच लोगों के बेसमेंट में फंसे होने की आशंका जताई थी, जबकि चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था। करीब 30 NDRF और MCD कर्मियों को राहत एवं बचाव अभियान में लगाया गया था।

तीन ठेकेदार गिरफ्तार, BNS की धारा 105 में केस
दिल्ली पुलिस ने इमारत गिरने के मामले में तीन ठेकेदारों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान सिराज, ताजुद्दीन और फरकान के रूप में हुई है। तीनों हरियाणा के फरीदाबाद जिले की दौज तहसील के सिरोही गांव के निवासी हैं।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस हादसे के कारणों और निर्माण कार्य से जुड़ी जिम्मेदारियों की जांच कर रही है।

गीला कंक्रीट और कमजोर सपोर्ट बना हादसे की वजह?
एसडीएम मनोज कुमार ने शुरुआती जांच के आधार पर बताया था कि छोटे से प्लॉट पर चार मंजिला ढांचा बनाया जा रहा था। आशंका है कि कंक्रीट और मलबे के पूरी तरह सूखने से पहले ही सेंटरिंग यानी अस्थायी सपोर्ट हटा दिया गया। इससे पूरी इमारत ढह गई।

उन्होंने बताया कि गीला मलबा अब जम चुका है और बेसमेंट में फंसे लोगों तक पहुंचने में मुश्किल हो रही है। इसके अलावा दूसरी और तीसरी मंजिल पर कथित अवैध निर्माण के कारण ढांचे के कमजोर होने की आशंका भी जताई गई है।

तीन फीट की गली बनी रेस्क्यू ऑपरेशन में बड़ी चुनौती
हादसे वाली जगह बेहद संकरी और घनी आबादी वाले इलाके में स्थित है। इमारत एक ऐसी गली के आखिरी छोर पर बनी थी, जिसकी चौड़ाई महज तीन फीट बताई गई है। इस वजह से राहत एवं बचाव टीमों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

गली संकरी होने के कारण मोटर वाहन, रेस्क्यू ट्रक और भारी मशीनें घटनास्थल तक नहीं पहुंच सकीं। ऐसे में बचाव दल को सीमित संसाधनों के साथ मलबा हटाने और लोगों को निकालने का काम करना पड़ा। 

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