Indian Railways News: भारतीय रेलवे में सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। ट्रेनों में बढ़ती भीड़, लंबी वेटिंग लिस्ट और लगातार हो रही देरी की समस्या को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को घोषणा की कि देश के सात प्रमुख रेल कॉरिडोर को चार लाइन वाला बनाया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य रेलवे की क्षमता बढ़ाना और यात्रियों को ट्रेनों में कन्फर्म टिकट उपलब्ध कराने में मदद करना है। रेल मंत्री के मुताबिक, इन कॉरिडोर का काम पूरा होने के बाद 1000 से अधिक अतिरिक्त नियमित ट्रेनें चलाई जा सकेंगी।
देश के 7 प्रमुख रेल कॉरिडोर होंगे फोर-लेन
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि रेलवे नेटवर्क पर मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। खासकर कोयले और अन्य माल की ढुलाई के साथ यात्रियों की बढ़ती संख्या के कारण मौजूदा रेल लाइनों पर भीड़ बढ़ रही है। इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए सात प्रमुख रेल कॉरिडोर की क्षमता बढ़ाने पर काम किया जा रहा है।
इन परियोजनाओं में दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और मुंबई जैसे प्रमुख आर्थिक केंद्रों को जोड़ने वाले गोल्डन क्वाड्रिलेटरल रूट के साथ महत्वपूर्ण डायगोनल कॉरिडोर भी शामिल हैं।
इन प्रमुख रूटों पर बढ़ेगी रेल लाइनों की संख्या
रेल मंत्री के अनुसार, जिन प्रमुख रेल मार्गों पर चार लाइनें विकसित करने की योजना है, उनमें शामिल हैं।
दिल्ली से कोलकाता
कोलकाता से चेन्नई
चेन्नई से मुंबई
मुंबई से दिल्ली
दिल्ली से चेन्नई
मुंबई से कोलकाता
दिल्ली से गुवाहाटी
इन रेल कॉरिडोर पर क्षमता बढ़ने से लंबी दूरी की यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों के संचालन को अधिक सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
1000 से ज्यादा अतिरिक्त ट्रेनें चलाने की तैयारी
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सातों प्रमुख कॉरिडोर पर चार लाइनें विकसित होने के बाद रेलवे 1000 से अधिक अतिरिक्त नियमित ट्रेनें चला सकेगा। इससे ट्रेनों में यात्रियों का दबाव कम होगा और वेटिंग लिस्ट में भी राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही यात्रियों को रिजर्वेशन और कन्फर्म टिकट मिलने की संभावनाएं बेहतर होंगी।
पिछले 10 साल में बिछाई गईं 36 हजार किलोमीटर अतिरिक्त रेल लाइनें
रेल मंत्री ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में भारतीय रेलवे ने 36,000 किलोमीटर अतिरिक्त ट्रैक बिछाए हैं। इसके बावजूद माल ढुलाई और यात्री परिवहन में तेजी से बढ़ोतरी के कारण कई रेल मार्गों पर दबाव बना हुआ है। उन्होंने कहा कि रेलवे की क्षमता बढ़ाने के लिए नए ट्रैक बिछाना और मौजूदा नेटवर्क का विस्तार करना जरूरी है।
रेल मंत्री के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की बैठकों में भी रेलवे की नई परियोजनाओं को लगातार मंजूरी दी जा रही है। सरकार का जोर रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने और यात्रियों को बेहतर रेल सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है।
यात्रियों को वेटिंग लिस्ट से मिलेगी राहत?
रेलवे के सात प्रमुख कॉरिडोर का चार लाइन में विस्तार होने से ट्रेनों की आवाजाही के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी। इससे व्यस्त रूटों पर ट्रेनों के बीच संचालन का दबाव कम हो सकता है। साथ ही नई नियमित ट्रेनें शुरू होने से यात्रियों को ज्यादा विकल्प मिलेंगे। हालांकि, वेटिंग लिस्ट में वास्तविक राहत परियोजनाओं के पूरा होने और नई ट्रेनों के संचालन पर निर्भर करेगी।
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