नई दिल्ली : दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) की 'अर्पण' पहल की सराहना की। इस पहल के तहत अब तक 41 टन से अधिक पुराने कपड़े एकत्र किए गए हैं, जिन्हें दोबारा इस्तेमाल (Reuse), अपसाइक्लिंग (Upcycling) और रीसाइक्लिंग (Recycling) के जरिए उपयोगी उत्पादों में बदला जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल पुराने कपड़ों के उचित निपटान की समस्या का व्यावहारिक समाधान दे रही है और साथ ही राजधानी में टिकाऊ जीवनशैली (Sustainable Practices) को बढ़ावा दे रही है।

रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली मेट्रो के अर्पण केंद्र पुराने कपड़ों को कचरा बनने से रोककर उन्हें उपयोगी सामानों में बदलने का काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, "दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के अर्पण केंद्र पुराने कपड़ों के उचित निपटान के लिए एक व्यावहारिक समाधान उपलब्ध करा रहे हैं और उन्हें पुन: उपयोग व रीसाइक्लिंग के जरिए उपयोगी उत्पादों में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।"

दिल्ली सरकार के अनुसार, दिल्ली मेट्रो स्टेशनों पर बनाए गए 10 अर्पण केंद्रों में 31 अगस्त तक 3,940 लोगों से कुल 41,181.59 किलोग्राम पुराने कपड़े जमा किए गए हैं।

सबसे ज्यादा कपड़े डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल केंद्र पर जमा हुए, जहां 9,861.40 किलोग्राम कपड़े प्राप्त हुए। इसके बाद शालीमार बाग केंद्र पर 9,761.03 किलोग्राम कपड़े जमा किए गए।

वहीं पंजाबी बाग वेस्ट और शाहदरा केंद्रों पर क्रमशः 6,534.98 किलोग्राम और 6,386.08 किलोग्राम कपड़े जमा हुए।

इसके अलावा मयूर विहार-1, हौज खास, द्वारका-ककरोला, मालवीय नगर, लाजपत नगर और मोहन एस्टेट मेट्रो स्टेशनों पर बने अर्पण केंद्रों पर भी लोगों ने पुराने कपड़े जमा किए।

जमा किए गए कपड़ों को उनकी स्थिति के अनुसार अलग किया जाता है और फिर उन्हें दोबारा इस्तेमाल, अपसाइक्लिंग और रीसाइक्लिंग के लिए भेजा जाता है।

करीब 4,266 किलोग्राम सामग्री को दोबारा इस्तेमाल और अपसाइक्लिंग के लिए चुना गया है, जबकि 29,424 किलोग्राम सामग्री को रीसाइक्लिंग के लिए भेजा गया है।

सेल्फ हेल्प ग्रुप्स की मदद से इन कपड़ों से गलीचे, फोल्डर, की-रिंग, पाउच, बैग और सजावटी सामान बनाए जा रहे हैं। इन उत्पादों को अर्पण केंद्रों पर प्रदर्शित करने के साथ बेचा भी जा रहा है।

दिल्ली सरकार के मुताबिक, रीसाइक्लिंग किए गए कपड़ों से बने उत्पादों की बिक्री से अब तक 27,036 रुपये की आय दर्ज की गई है।

इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए जनवरी 2027 में 10 नए अर्पण केंद्र खोलने की योजना है। इनमें मॉडल टाउन, INA, IP एक्सटेंशन, पश्चिम विहार वेस्ट, राजेंद्र प्लेस, जनकपुरी वेस्ट, राजौरी गार्डन, ग्रेटर कैलाश, द्वारका सेक्टर-10 और छतरपुर मेट्रो स्टेशन शामिल हैं।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि लोगों की ज्यादा भागीदारी से इस पहल को और मजबूत किया जा सकता है और दिल्ली को स्वच्छ व हरित बनाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा, "प्रयास यह है कि लोगों के लिए पुराने कपड़े दान करने की सुविधा आसान और सुलभ बनाई जाए, ताकि उनका अधिकतम उपयोग हो सके और दिल्ली को स्वच्छ, सुंदर और हरा-भरा बनाने के प्रयास मजबूत हों।"

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