नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार 29, अक्टूबर को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की उस याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जवाब मांगा है, जिसमें उन्होंने IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग केस में उनके खिलाफ आरोप तय करने के ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती दी है। अब इस मामले में ED को अपना पक्ष रखना होगा। हाईकोर्ट की इस कार्रवाई के बाद मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
अदालत ने ED को नोटिस जारी कर जवाब मांगा
इस मामले में जस्टिस सचिन दत्ता ने लालू यादव की उस याचिका पर ED को नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्होंने राउज एवेन्यू कोर्ट के 10 सितंबर के आदेश को चुनौती दी थी। यह मामला IRCTC से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग आरोपों से संबंधित है। इसमें अन्य कई आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए थे। इस मामले में हाई कोर्ट ने लालू यादव को अगली सुनवाई तक ट्रायल कोर्ट के सामने स्थगन मांगने की भी अनुमति दी। मामले की अगली सुनवाई अब 3 दिसंबर को होगी
IRCTC से जुड़े कथित मामले मेें 9 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय
दरअसल, इस मामले में 10 सितंबर को स्पेशल जज विशाल गोगने ने लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रेम चंद गुप्ता, सरला गुप्ता, LARA प्रोजेक्ट्स LLP, सुजाता होटल प्राइवेट लिमिटेड, और बिजनेसमैन विजय कोचर एवं विनय कोचर सहित नौ आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे। ट्रायल कोर्ट ने पाया कि रिकॉर्ड में मौजूद मटीरियल से आरोपियों के खिलाफ गहरा शक पैदा होता है और ट्रायल की जरूरत है। इसमें पटना में भूमि लेनदेन के संबंध में कार्यालय के दुरुपयोग और अपराध की कथित आय के कब्जे के आरोपों का भी उल्लेख किया।
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