UP MLC Election Results: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले विधान परिषद की 11 सीटों के नतीजों ने प्रदेश की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है। भाजपा ने छह सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि समाजवादी पार्टी पांच सीटें जीतने में सफल रही। मुकाबले में भाजपा ने अपना बहुमत वाला प्रदर्शन बनाए रखा, लेकिन सपा की सीटों में बढ़ोतरी ने विपक्ष की ताकत को भी सामने रखा। कहीं भाजपा ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की, तो कहीं उसे कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। वाराणसी से लेकर पश्चिमी यूपी तक आए इन नतीजों ने क्षेत्रीय समीकरणों पर चर्चा तेज कर दी है।
शिक्षक सीटों पर भाजपा का दबदबा, स्नातक सीटों पर सपा आगे
विधान परिषद की 11 सीटों के चुनाव में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में भाजपा ने छह में से चार सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि सपा को दो सीटें मिलीं। वहीं, स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की पांच सीटों में भाजपा ने दो और सपा ने तीन सीटों पर कब्जा जमाया। 2020 के चुनाव में भाजपा ने 11 में से छह सीटें जीती थीं। इस बार पार्टी पांच सीटों पर अपना कब्जा बरकरार रखने में सफल रही, जबकि एक सीट गंवा दी। दूसरी ओर, सपा ने अपनी तीन सीटें बचाने के साथ दो अतिरिक्त सीटों पर जीत दर्ज की।
गोरखपुर-फैजाबाद में 307 वोटों का अंतर, आखिरी दौर तक रही टक्कर
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मुकाबला बेहद करीबी रहा। भाजपा के ध्रुव त्रिपाठी ने निर्दलीय उम्मीदवार राजीव यादव को महज 307 वोटों से हराया। त्रिपाठी को कुल 16,790 वोट मिले और जीत का फैसला दूसरी वरीयता के मतों की गिनती के बाद हुआ।
यह ध्रुव त्रिपाठी की लगातार चौथी जीत है। इससे पहले वह तीन बार निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीत चुके थे। बाद में वह भाजपा में शामिल हो गए। जीत के बाद उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी राजीव यादव के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने कड़ी चुनौती पेश की और शिक्षकों का भरोसा हासिल किया।
आगरा-अलीगढ़ से बरेली-मुरादाबाद तक किसने मारी बाजी?
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में भाजपा और सपा के बीच कई सीटों पर सीधा मुकाबला देखने को मिला।
आगरा-अलीगढ़: सपा के आकाश अग्रवाल ने भाजपा के हरि किशोर तिवारी को 4,263 वोटों से हराया।
बरेली-मुरादाबाद: भाजपा के हरि सिंह ढिल्लों ने सपा के दानिश अख्तर को 17,676 वोटों से शिकस्त दी।
मेरठ: भाजपा के श्रीचंद शर्मा ने सपा के नितिन तोमर को 13,241 वोटों से पराजित किया।
लखनऊ शिक्षक सीट: भाजपा के उमेश द्विवेदी ने सपा के सुशील कुमार को 4,808 वोटों से हराया।
वाराणसी शिक्षक सीट: सपा के लाल बिहारी यादव ने भाजपा के प्रमोद मिश्रा को 4,898 वोटों से हराकर अपनी सीट बचाई।
वाराणसी की दूसरी सीट पर भी सपा ने कब्जा जमा लिया है। सपा उम्मीदवार आशुतोष सिन्हा ने भाजपा के केदारनाथ सिंह को 19932 वोटों से हरा दिया। सपा के आशुतोष को 55046 वोट और भाजपा के केदारनाथ सिंह को 35114 वोट मिले हैं।
इन नतीजों में पश्चिमी यूपी की कुछ सीटों पर भाजपा को बड़े अंतर से जीत मिली, जबकि आगरा-अलीगढ़ और वाराणसी में सपा ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
कांती सिंह की जीत से लखनऊ में बदला चुनावी हिसाब
लखनऊ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सपा की कांती सिंह ने भाजपा के अवनीश कुमार सिंह को 17,225 वोटों से हराया। कांती सिंह को 56,905 वोट मिले, जबकि भाजपा उम्मीदवार के खाते में 39,778 वोट आए। इस जीत के साथ कांती सिंह ने पिछली हार के बाद वापसी की। उनकी सफलता को सपा के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। वहीं, भाजपा के लिए यह सीट गंवाना स्थानीय राजनीतिक समीकरणों और संगठन की रणनीति के लिहाज से चर्चा का विषय बन सकता है।
वहीं, मेरठ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के दिनेश कुमार गोयल ने सपा के परमेंद्र सिंह को करीब 13 हजार वोटों से हराया। आगरा स्नातक सीट पर भाजपा के मानवेंद्र प्रताप सिंह ने सपा के शशांक यादव को 8,856 वोटों से शिकस्त दी। इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सपा के मान सिंह यादव ने भाजपा के अशोक कुमार राठौर को 27,663 वोटों से हराकर अपनी सीट बरकरार रखी।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले क्या हैं एमएलसी नतीजों के 5 बड़े सियासी संकेत?
1. भाजपा के सामने अपनी सीटें बचाए रखने की चुनौती
भाजपा ने 11 में से छह सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी बढ़त बनाए रखी। हालांकि, 2020 में जीती छह सीटों में से एक सीट गंवाना बताता है कि पार्टी को कुछ क्षेत्रों में चुनौती का सामना करना पड़ा। विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के सामने अपने समर्थक वर्गों के बीच पकड़ बनाए रखने की चुनौती रहेगी।
2. सपा की पांच सीटें विपक्ष के लिए उत्साह बढ़ाने वाली
समाजवादी पार्टी ने तीन से बढ़कर पांच सीटों पर जीत दर्ज की। इससे पार्टी को अपने संगठन और चुनावी रणनीति को लेकर उत्साह मिल सकता है। हालांकि, एमएलसी चुनाव के मतदाता और विधानसभा चुनाव का मतदाता वर्ग अलग होता है, इसलिए इन नतीजों को 2027 के विधानसभा चुनाव का सीधा संकेत मानना उचित नहीं होगा।
3. पश्चिमी यूपी में भाजपा ने कई सीटों पर दिखाई ताकत
बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट पर 17,676 वोटों और मेरठ स्नातक सीट पर करीब 13 हजार वोटों के अंतर से भाजपा की जीत संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में पार्टी की मजबूत स्थिति को दिखाती है। फिर भी विधानसभा चुनाव में स्थानीय मुद्दे, उम्मीदवार और सामाजिक समीकरण अलग भूमिका निभा सकते हैं।
4. लखनऊ में सपा की जीत ने खींचा ध्यान
लखनऊ स्नातक सीट पर कांती सिंह की जीत ने मुकाबले को खास बना दिया। भाजपा उम्मीदवार को 17,225 वोटों से हराकर उन्होंने सपा के खाते में एक महत्वपूर्ण सीट जोड़ी। राजधानी क्षेत्र में इस परिणाम के बाद स्थानीय राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा होना स्वाभाविक है।
5. वाराणसी में सपा की मौजूदगी भाजपा के लिए चुनौती
वाराणसी शिक्षक सीट पर लाल बिहारी यादव और स्नातक सीट पर आशुतोष सिन्हा की जीत हुई है।
भाजपा-सपा के बीच करीबी मुकाबला, अब नजर 2027 पर
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के नतीजों में भाजपा ने छह और सपा ने पांच सीटें जीतकर अपनी-अपनी ताकत दिखाई। भाजपा ने शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि स्नातक सीटों पर सपा ने अधिक सीटें हासिल कीं। इन परिणामों से दोनों दलों को अपने संगठन, क्षेत्रीय समर्थन और चुनावी रणनीति की समीक्षा करने का अवसर मिला है। अब देखना होगा कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और सपा इन नतीजों से क्या सबक लेती हैं और जनता के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने के लिए कौन-सी रणनीति अपनाती हैं।