मुंबई: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने अपनी संस्था को कांग्रेस या आम आदमी पार्टी (AAP) की ‘B टीम’ बताए जाने के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता राजनीति नहीं, बल्कि छात्र, शिक्षा और सरकारी स्कूलों में सुधार है। बता दें कि इस दौरान दिपके ने ये कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कहते हैं कि मैं कांग्रेस की B टीम हूं और कुछ लोग कहते हैं कि मैं आम आदमी पार्टी की B टीम हूं। मेरा मानना है कि पहले ये सभी लोग बैठकर तय कर लें कि मैं किसकी B टीम हूं। हमारे हिसाब से हम छात्रों की A टीम हैं।
उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने की मुहिम को किसी एक राजनीतिक संगठन से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। यह बच्चों और देश के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। उनके मुताबिक, जो भी व्यक्ति या संगठन स्कूलों की स्थिति सुधारने के पक्ष में है, उसे इस अभियान में आगे आना चाहिए।
‘सिर्फ AAP नहीं, शिवसेना और NCP भी शिक्षा पर कर रहे काम’
अभिजीत दिपके ने कहा कि शिक्षा के मुद्दे पर केवल आम आदमी पार्टी ही काम नहीं कर रही है। उन्होंने दावा किया कि शिवसेना और महाराष्ट्र में NCP के नेता भी शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर अलग-अलग दल स्कूल सुधार की दिशा में काम कर रहे हैं तो BJP को इस तरह के अभियानों पर आपत्ति क्यों है। जो भी मानता है कि स्कूल बेहतर होने चाहिए, उसका स्वागत किया जाना चाहिए।
नेताओं की डिग्री सार्वजनिक करने की मांग
दिपके ने सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों की शैक्षणिक योग्यता को भी सार्वजनिक किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की डिग्री पर सवाल उठना स्वाभाविक है और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों की जिम्मेदारी है कि वे अपनी शैक्षणिक योग्यता और डिग्री से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक रखें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए दिपके ने कहा कि अगर उनसे उनकी डिग्री के बारे में सवाल किए जा रहे हैं तो प्रधानमंत्री से भी उनकी डिग्री सार्वजनिक करने को लेकर सवाल पूछा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री की डिग्री पिछले 12 वर्षों से सार्वजनिक नहीं की गई है और दिल्ली हाईकोर्ट ने भी इसे सामने लाने से इनकार किया है।
CJP-D को पारदर्शिता और जवाबदेही का मंच बनाने का दावा
दिपके के बयान ऐसे समय में आए हैं जब CJP-D के संस्थापक मनीष ब्रह्मभट्ट ने संगठन के लॉन्च का ऐलान किया है। उन्होंने इसे पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतांत्रिक निर्णय प्रक्रिया पर केंद्रित मंच बताया है। ब्रह्मभट्ट ने कार्यकर्ताओं से अपील की थी कि इस आंदोलन को ‘केजरीवाल की टीम’ न बनाया जाए। उन्होंने कहा कि संगठन की राष्ट्रीय टीम का गठन लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा। संगठन ने लोगों से जुड़ने के लिए सोशल मीडिया अकाउंट, WhatsApp नंबर और मिस्ड-कॉल सुविधा शुरू करने की भी घोषणा की है। दिपके ने कहा कि संगठन आगे भी शिक्षा, सरकारी स्कूलों में सुधार और सार्वजनिक जवाबदेही से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाता रहेगा।
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