हैदराबाद : ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की कोशिश समानता स्थापित करने के लिए नहीं, बल्कि भारत के 18 करोड़ मुसलमानों को निशाना बनाने के उद्देश्य से की जा रही है।
BJP और RSS संविधान की भावना के खिलाफ
हैदराबाद में पत्रकारों से बातचीत में लोकसभा सांसद ओवैसी ने BJP और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भारतीय संविधान की भावना के खिलाफ काम करने और अल्पसंख्यक समुदायों पर बहुसंख्यकवादी कानून थोपने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
ओवैसी ने कहा, “सबसे पहले यह समझने की जरूरत है कि BJP समानता के लिए UCC लागू नहीं कर रही है। उसने अपने राज्यों और सरकार के स्तर पर इसे केवल भारत के 18 करोड़ मुसलमानों को निशाना बनाने के लिए पेश किया है। ऐसा करके BJP और अमित शाह संविधान के अनुच्छेद 25 (धार्मिक स्वतंत्रता), 14 (समानता का अधिकार), 26 और 29 का उल्लंघन कर रहे हैं।”
देश की मूल भावना विविधता और बहुलवाद पर आधारित
उन्होंने कहा कि देश की मूल भावना विविधता और बहुलवाद पर आधारित है। ओवैसी ने यह भी कहा कि मोदी सरकार द्वारा गठित विधि आयोग ने अपनी रिपोर्ट में UCC को भारत के लिए न तो आवश्यक और न ही वांछनीय बताया था।
उन्होंने कहा, “इस देश की आत्मा और भावना बहुलवाद है। अमित शाह, BJP और RSS गैर-हिंदुओं पर हिंदू कानून थोपने की कोशिश कर रहे हैं।”
‘लव जिहाद’ से जुड़े कानूनों का भी जिक्र किया
समानता और भेदभाव से जुड़े BJP के रुख पर सवाल उठाते हुए ओवैसी ने BJP शासित राज्यों में लागू Disturbed Areas Act और धर्मांतरण विरोधी कानूनों का भी उल्लेख किया। उन्होंने सवाल किया कि ऐसे कानून क्यों हैं, जो कथित तौर पर हिंदू व्यक्ति को मुस्लिम को संपत्ति बेचने से रोकते हैं। उन्होंने ‘लव जिहाद’ से जुड़े कानूनों का भी जिक्र किया।
BJP नेतृत्व को गोवा में UCC लागू करने की चुनौती
ओवैसी ने आगामी विधानसभा चुनावों का हवाला देते हुए BJP नेतृत्व को गोवा में UCC लागू करने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि यदि अमित शाह ‘क्रोनोलॉजी समझने’ की बात करते हैं तो उन्हें गोवा में खड़े होकर यह घोषणा करनी चाहिए कि उत्तराखंड, गुजरात और असम में लागू किए गए UCC मॉडल को वहां भी लागू किया जाएगा।
ओवैसी ने कहा कि गोवा में पहले से मौजूद सिविल कानून में अलग-अलग समुदायों के लिए कुछ विशेष प्रावधान हैं और BJP को बताना चाहिए कि क्या वह इन प्रावधानों को खत्म करने के लिए तैयार है।
उन्होंने गोवा के मौजूदा सिविल कोड के कुछ प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि हिंदू रीति-रिवाज से हुई शादी के मामले में कुछ परिस्थितियों में दूसरी शादी से संबंधित प्रावधान मौजूद हैं। उन्होंने कैथोलिक समुदाय के लिए विवाह पंजीकरण और तलाक से जुड़े अलग प्रावधानों का भी उल्लेख किया।
ओवैसी ने कहा कि कैथोलिक पादरी द्वारा विवाह का पंजीकरण किए जाने तथा चर्च के अधिकारियों द्वारा कुछ मामलों में वैध तलाक दिए जाने जैसे प्रावधान मौजूद हैं, जबकि गैर-कैथोलिक लोगों को तलाक के लिए अदालत का रुख करना पड़ता है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि विवाह संपन्न नहीं हुआ हो तो चर्च ट्रिब्यूनल उसे अमान्य घोषित कर सकता है, जबकि गैर-ईसाइयों को तलाक के लिए अदालत जाना पड़ता है। ओवैसी ने सवाल किया कि BJP इन मौजूदा कानूनी प्रावधानों पर बात क्यों नहीं करती।
2029 में NDA द्वारा शासित सभी 21 राज्यों में UCC लागू करने की योजना
वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि 2029 से पहले BJP के नेतृत्व वाले NDA द्वारा शासित सभी 21 राज्यों में UCC लागू कर दिया जाएगा।
मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान शाह ने कहा कि कई राज्यों में UCC लागू किया जा चुका है और उन्हें विश्वास है कि 2029 से पहले BJP-NDA शासित सभी 21 राज्यों में इसे लागू कर दिया जाएगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति में बदलाव का भी दावा किया। शाह ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्रवाइयों ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को स्थापित किया है और विभिन्न क्षेत्रों में सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।