Ankita Bhandari Case: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अपील की है कि 2022 के अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम के राज्यपाल का पद संभालने से रोका जाए। वहीं, अंकिता के माता-पिता ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए मामले से जुड़े सवालों के जवाब मांगे हैं।
उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर दोबारा विचार करने की अपील की है। उनका कहना है कि मामले में कथित वीआईपी की भूमिका से जुड़े सवालों की जांच पूरी होने तक गौतम को पदभार नहीं संभालना चाहिए। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर जांच की गति पर सवाल उठाए। दूसरी ओर, अंकिता के परिवार ने भी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान नियुक्ति पर रोक लगाने और मामले से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।
राहुल गांधी बोले- चार साल बाद भी वीआईपी की पहचान पर सवाल
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में कहा कि अंकिता ने कथित तौर पर एक वीआईपी के सामने समझौता करने से इनकार किया था और इसके बाद उसकी हत्या कर दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि घटना के करीब चार साल बाद भी उस कथित वीआईपी की पहचान को लेकर स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच की धीमी गति के कारण परिवार को अब तक अपने सवालों के जवाब नहीं मिले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अंकिता के परिवार समेत कई लोग दुष्यंत कुमार गौतम के मामले से जुड़े होने की आशंका जता रहे हैं।
अंकिता के माता-पिता ने सरकार को दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम
अंकिता के माता-पिता ने भी गुरुवार को न्याय की मांग दोहराई। उन्होंने दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि जब तक मामले की जांच पूरी नहीं होती, तब तक नियुक्ति की प्रक्रिया पर रोक लगनी चाहिए। अंकिता के पिता ने चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो उत्तराखंड के लोग सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने मामले से जुड़े अजाय कुमार और दुष्यंत कुमार गौतम के 18 और 19 सितंबर 2022 के लोकेशन विवरण तथा कॉल रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग भी की। अंकिता की मां ने देश के लोगों से परिवार के समर्थन में खड़े रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई केवल अपनी बेटी के लिए नहीं, बल्कि सभी बेटियों के न्याय और सुरक्षा के लिए है।
इंडिया गेट पर प्रदर्शन, सुबह पुलिस ने हिरासत में लिया
अंकिता के माता-पिता ने दिल्ली के इंडिया गेट के पास रातभर धरना दिया था। गुरुवार सुबह करीब चार बजे दिल्ली पुलिस ने वहां कार्रवाई की और माता-पिता को हिरासत में लेकर तिलक मार्ग थाने पहुंचाया। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। परिवार का प्रदर्शन दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति पर रोक लगाने और हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी पहलू की जांच पूरी करने की मांग को लेकर था। इससे पहले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा भी परिवार से मिलने पहुंचे थे और उनकी मांगों के प्रति समर्थन जताया था।
18 सितंबर 2022 को हुई थी अंकिता की हत्या
19 वर्षीय अंकिता भंडारी उत्तराखंड के एक रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। 18 सितंबर 2022 को उनकी हत्या हुई थी और छह दिन बाद, 24 सितंबर को उनका शव चिल्ला नहर से बरामद किया गया था। इस मामले में पहले विशेष जांच दल (SIT) ने जांच की थी। बाद में कथित वीआईपी पहलू की जांच की मांग के बीच CBI जांच का मुद्दा फिर चर्चा में आया। परिवार की मौजूदा मांग है कि मामले से जुड़े सभी सवालों की जांच पारदर्शी तरीके से पूरी की जाए और न्याय मिलने तक उनकी आवाज सुनी जाए।