Amroha-Haridwar Ganga Expressway: उत्तर प्रदेश में अमरोहा-हरिद्वार गंगा एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अब तेजी पकड़ रही है। अमरोहा जिले में नए सर्किल रेट लागू होने के साथ ही एक्सप्रेसवे के लिए भूमि खरीद की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। नए सर्किल रेट के आधार पर किसानों को मुआवजा मिलने से जमीन मालिकों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
यह एक्सप्रेसवे अमरोहा के हसनपुर और मंडी धनौरा तहसील क्षेत्र के 52 गांवों से होकर गुजरेगा। इनमें हसनपुर तहसील के 17 और मंडी धनौरा के 35 गांव शामिल हैं।
मंगरौला के पास गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा नया रूट
अमरोहा जिले में हरिद्वार एक्सप्रेसवे को मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना है। हसनपुर तहसील क्षेत्र में इसका कनेक्शन मंगरौला के टी-प्वाइंट के पास रूखालू गांव के नजदीक प्रस्तावित है।रूखालू से हरिद्वार की तरफ जाने वाले इस एक्सप्रेसवे की लंबाई करीब 146.24 किलोमीटर बताई गई है। इसके तैयार होने से अमरोहा और आसपास के इलाकों से हरिद्वार की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।
17 गांवों में जमीन और परिसंपत्तियों का सर्वे पूरा
हसनपुर तहसील क्षेत्र में एक्सप्रेसवे की जद में आने वाले 17 गांवों में जमीन और उस पर मौजूद परिसंपत्तियों का सर्वे पूरा किया जा चुका है। अब संबंधित भूमि के गाटा नंबर और रकबे का विवरण समाचार पत्रों में प्रकाशित किया जाएगा।इसके बाद किसानों से भूमि के बैनामे कराने की प्रक्रिया शुरू होने की बात कही गई है। प्रशासन की ओर से नई सर्किल दरें लागू होने के बाद इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी है।
28 लाख से बढ़कर 36 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर हुआ सर्किल रेट
रूखालू और शिकरौली गांवों में लंबे समय से सर्किल रेट में बढ़ोतरी नहीं हुई थी। इसकी एक वजह इन गांवों का पहले से मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना से जुड़ा होना बताया गया है।अब 2026-27 के लिए संशोधित सर्किल रेट लागू कर दिया गया है। इन गांवों में जमीन की दर 28 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर 36 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर कर दी गई है।नए सर्किल रेट के आधार पर एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहित होने वाली जमीन पर किसानों को सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा मिलने की बात कही गई है। इससे जमीन देने वाले किसानों को पहले की तुलना में बेहतर मुआवजा मिलने की उम्मीद है।
किसानों को विकास के साथ हरिद्वार की बेहतर कनेक्टिविटी की उम्मीद
नए सर्किल रेट को लेकर स्थानीय किसानों ने राहत जताई है। किसानों का कहना है कि जमीन का वास्तविक बाजार मूल्य सर्किल रेट से अधिक है, लेकिन लंबे समय से दरों में बदलाव नहीं हुआ था। अब संशोधित दर लागू होने से भूमि अधिग्रहण के दौरान उन्हें फायदा मिल सकता है।स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे और हरिद्वार एक्सप्रेसवे के बनने से क्षेत्र में आवागमन के साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। हरिद्वार की दूरी कम होने से धार्मिक और पर्यटन यात्राओं के लिए भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की संभावना है।
11 सितंबर से लागू हुईं नई दरें
प्रशासन ने 2026-27 के प्रस्तावित सर्किल रेट पर लोगों से आपत्तियां मांगी थीं। प्राप्त आपत्तियों पर 8 सितंबर को तहसील सभागार में सुनवाई की गई, जिसके बाद उनका निस्तारण कर संशोधित सर्किल दरों को घोषित किया गया।नई दरें 11 सितंबर 2026 से प्रभावी हो गई हैं। हसनपुर के एसडीएम हिमांशु उपाध्याय के मुताबिक, अमरोहा-हरिद्वार गंगा एक्सप्रेसवे के तहत आने वाले गांवों की नई सर्किल रेट सूची जारी हो चुकी है। अब जल्द ही किसानों से भूमि के बैनामे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।इस एक्सप्रेसवे के बनने से अमरोहा समेत आसपास के इलाकों की हरिद्वार से कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।