CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके। इसको लेकर उनकी मां अनीता दीपके ने नाराजगी जताई है। रविवार को मीडिया से बातचीत के दौरान वह भावुक हो गईं। उनका कहना था कि अगर अभिजीत को शनिवार को ही रिहा कर दिया जाता, तो वह अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकते थे और आखिरी बार उनका चेहरा देख पाते।
अभिजीत दीपके को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन से पहले पुलिस ने हिरासत में लिया था। उनके साथ CJP से जुड़े सौरव दास और आशुतोष रांका को भी हिरासत में लिया गया। रविवार सुबह तीनों को कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने के बाद रिहा कर दिया गया।
'मेरे बेटे ने क्या गुनाह किया था?', मां अनीता दीपके ने उठाए सवाल
अनीता दीपके ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि उनके बेटे को शनिवार को ही रिहा कर दिया जाता, तो वह रविवार को अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकता था। उन्होंने दुख जताया कि अब अभिजीत अपनी दादी का चेहरा आखिरी बार भी नहीं देख पाएंगे। मां ने सवाल उठाया कि आखिर उनके बेटे ने ऐसा कौन-सा अपराध किया था, जिसके कारण उसे अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल होने का मौका भी नहीं मिला। उन्होंने कहा कि अभिजीत कोई आतंकवादी या देशद्रोही नहीं हैं, फिर उनके साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया गया?
महाराष्ट्र के पैतृक गांव में हुआ दादी का निधन
अभिजीत दीपके की दादी का रविवार को महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में स्थित उनके पैतृक गांव संटुक पिंपरी में निधन हो गया। बताया गया कि वह पिछले कुछ दिनों से बीमार थीं। दादी के निधन की खबर ऐसे समय आई, जब अभिजीत दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में पुलिस हिरासत में थे। उनकी मां ने कहा कि यदि रिहाई समय पर हो जाती, तो परिवार के इस मुश्किल वक्त में अभिजीत अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल हो पाते।
दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान के अंदर से हिरासत में लिए गए थे अभिजीत
अभिजीत दीपके को दिल्ली में प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम के दौरान एयरपोर्ट पर विमान के अंदर से हिरासत में लिया गया था। उनके साथ सौरव दास और आशुतोष रांका को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। तीनों मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन के सिलसिले में दिल्ली पहुंचे थे। इस कार्रवाई के बाद उनकी हिरासत को लेकर सवाल उठे। रविवार को तीनों को कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें रिहा करने का आदेश दिया गया।
50 हजार का बॉन्ड भरने के बाद तीनों नेताओं को रिहाई
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को शनिवार को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत एहतियातन हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने कहा कि जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों को रविवार को दिल्ली कैंट स्थित कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। पुलिस के बयान के अनुसार, तीनों ने एक साल तक शांति और अच्छा व्यवहार बनाए रखने के लिए 50 हजार रुपये का बॉन्ड भरा, जिसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। हालांकि, रिहाई के बावजूद अभिजीत अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके। उनकी मां ने इसी बात पर दुख जताते हुए हिरासत की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।