टीएनपी न्यूज़
ब्रेकिंग
सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर को केरल का राज्यपाल नियुक्त किया गया जम्मू-कश्मीर के कृष्णा घाटी सेक्टर में टॉप लश्कर कमांडर समेत 4 घुसपैठिए ढेर CJI सूर्यकांत के इस्तीफे की मांग वाला एक्स पोस्ट केरलम कांग्रेस ने हटाया गाजियाबाद में निर्माणाधीन गोदाम का लेंटर गिरा, मलबे में दबे मजदूरों की तलाश जारी राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी साथ मुंबई: शिवसेना UBT नेता आदित्य ठाकरे छत्रपति शिवाजी पार्क स्थित धरना-स्थल पर पहुंचे बिहार कैबिनेट ने पीएम मोदी के 25 वर्ष की जनसेवा पर उनका हार्दिक अभिनंदन किया केशव प्रसाद मौर्य ने X पोस्ट पर किया पोस्ट, कहा-कांग्रेस अपने हुड़दंग से लोकतंत्र को बदरंग कर रही राहुल गांधी की लीगल टीम ने सुप्रीम कोर्ट में फाइल की EC की अनियमितताओं पर याचिका सितंबर में रिटेल महंगाई दर बढ़कर 5.54 प्रतिशत हुई, जो अगस्त में 4.82 फीसदी थी
स्वास्थ्य

15 अगस्त पर खुद को दें सेहत का तोहफा... घर बैठे करें ये 15 आसान हेल्थ चेक

15 अगस्त सिर्फ आजादी का जश्न मनाने का दिन नहीं, बल्कि अपनी सेहत पर ध्यान देने का भी मौका है। इस खास दिन घर बैठे BMI, ब्लड प्रेशर, शुगर, हार्ट रेट, नींद, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस जैसे 15 आसान सेल्फ-चेक से जानें अपने शरीर और मन का हाल।

15 अगस्त पर खुद को दें सेहत का तोहफा... घर बैठे करें ये 15 आसान हेल्थ चेक
AI

15 अगस्त सिर्फ देश की आजादी का दिन नहीं है, बल्कि अपने जीवन और सेहत पर थोड़ा ठहरकर ध्यान देने का मौका भी है। हम अक्सर स्वास्थ्य को तब प्राथमिकता देते हैं, जब कोई परेशानी सामने आ जाती है। लेकिन शरीर और मानसिक स्थिति से जुड़े कई जरूरी संकेत ऐसे हैं, जिन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में कुछ आसान तरीकों से समझा जा सकता है। इस स्वतंत्रता दिवस पर आप भी खुद के लिए कुछ मिनट निकालें और ये 15 आसान हेल्थ सेल्फ-चेक आजमाएं।

BMI से जानें वजन का संतुलन

बॉडी मास इंडेक्स यानी BMI, लंबाई के मुकाबले शरीर के वजन का एक सामान्य आकलन है। इसे निकालने के लिए वजन को मीटर में लंबाई के वर्ग से विभाजित किया जाता है। आमतौर पर 18.5 से 24.9 के बीच BMI को सामान्य श्रेणी माना जाता है। हालांकि, यह हर व्यक्ति की पूरी स्वास्थ्य स्थिति नहीं बताता।

कमर का माप लें

शरीर में जमा अतिरिक्त पेट की चर्बी स्वास्थ्य जोखिमों से जुड़ी हो सकती है। एक मापने वाले टेप से कमर का घेराव नापकर इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। अगर कमर का आकार लगातार बढ़ रहा है, तो खान-पान और शारीरिक गतिविधि पर ध्यान देना जरूरी है।

चेक करें ब्लड प्रेशर

घर में डिजिटल BP मशीन है तो आराम की स्थिति में रक्तचाप मापा जा सकता है। एक सामान्य रक्तचाप करीब 120/80 mmHg के आसपास माना जाता है, लेकिन एक ही रीडिंग के आधार पर निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए। बार-बार असामान्य रीडिंग आने पर डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।

ब्लड शुगर पर नजर रखें

ग्लूकोमीटर की मदद से घर पर ब्लड ग्लूकोज की जांच की जा सकती है। फास्टिंग या भोजन के बाद की रीडिंग आपके शुगर लेवल की जानकारी देती है। अगर रीडिंग लगातार ज्यादा आती है, तो चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।

आराम की स्थिति में हार्ट रेट देखें

कुछ मिनट शांत बैठने के बाद अपनी नाड़ी गिनें। अधिकांश वयस्कों में आराम की स्थिति में हार्ट रेट 60 से 100 बीट प्रति मिनट के बीच हो सकती है। लगातार बहुत तेज या असामान्य धड़कन महसूस हो तो इसे नजरअंदाज न करें।

अपनी नींद का हिसाब लगाएं

सिर्फ कितने घंटे सोए, यह ही नहीं बल्कि नींद की गुणवत्ता भी महत्वपूर्ण है। अगर बार-बार नींद खुलती है, सोने में काफी समय लगता है या पर्याप्त नींद के बाद भी सुबह थकान रहती है, तो इसकी वजह पर ध्यान देना चाहिए।

पानी पीने की आदत जांचें

क्या आप पूरे दिन नियमित रूप से पानी पीते हैं? बहुत ज्यादा प्यास लगना, मुंह सूखना या पेशाब का रंग सामान्य से ज्यादा गहरा होना शरीर में पानी की कमी के संकेत हो सकते हैं। हालांकि, पानी की जरूरत हर व्यक्ति में अलग होती है, इसलिए सिर्फ एक तय संख्या में गिलास पीना जरूरी नहीं।

मानसिक स्वास्थ्य का छोटा सा सेल्फ-चेक

खुद से पूछें-क्या पिछले कुछ समय से बिना वजह उदासी, बेचैनी, चिड़चिड़ापन या मानसिक थकान बनी हुई है? क्या रोजमर्रा के कामों में पहले जैसी दिलचस्पी नहीं रही? अगर ऐसे बदलाव लगातार बने हुए हैं, तो किसी भरोसेमंद व्यक्ति या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बात करना मददगार हो सकता है।

सांस रोकने के बजाय सांस लेने की क्षमता पर दें ध्यान

सांस को जबरदस्ती लंबे समय तक रोकना फेफड़ों की सेहत जांचने का भरोसेमंद तरीका नहीं है। इसके बजाय देखें कि सामान्य चलने या हल्की गतिविधि के दौरान आपको असामान्य सांस फूलना, सीने में परेशानी या सांस लेने में दिक्कत तो नहीं होती। ऐसे लक्षण हों तो चिकित्सकीय सलाह लें।

शरीर की फ्लेक्सिबिलिटी परखें

एक आसान स्ट्रेच के जरिए शरीर की लचक का अंदाजा लगाया जा सकता है। आराम से आगे झुककर देखें कि आप अपने पैरों या पंजों के कितने करीब पहुंच पाते हैं। इस दौरान दर्द हो तो जबरदस्ती शरीर को न खींचें।

पाचन से जुड़े संकेत पहचानें

खाने के बाद कभी-कभार गैस या पेट फूलना सामान्य हो सकता है। लेकिन अगर लगातार पेट दर्द, अत्यधिक ब्लोटिंग, सीने में जलन, कब्ज या दस्त जैसी समस्या बनी रहती है, तो इसे सिर्फ सामान्य गैस समझकर टालना ठीक नहीं।

आंखों की नजर का अंदाजा लें

एक-एक आंख को ढककर दूर और पास की चीजों को देखने की कोशिश करें। धुंधला दिखाई देना, लगातार आंखों पर जोर पड़ना या पढ़ने में परेशानी नजर की जांच की जरूरत का संकेत हो सकता है।

त्वचा, बाल और नाखूनों पर नजर डालें

त्वचा में अचानक बदलाव, नाखूनों का लगातार कमजोर होना या बालों का जरूरत से ज्यादा झड़ना कई अलग-अलग कारणों से हो सकता है। इन्हें देखकर सीधे किसी पोषण की कमी का निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए, लेकिन लगातार बदलाव होने पर डॉक्टर से चर्चा की जा सकती है।

अपना एनर्जी लेवल जांचें

दिनभर की थकान को सिर्फ व्यस्त दिनचर्या का हिस्सा मानकर नजरअंदाज न करें। पर्याप्त आराम और सामान्य दिनचर्या के बावजूद लगातार कमजोरी या ऊर्जा की कमी महसूस हो रही है, तो इसके पीछे नींद, तनाव, खान-पान या कोई स्वास्थ्य समस्या हो सकती है।

एक्सरसाइज के बाद रिकवरी देखें

सीढ़ियां चढ़ने या हल्की कसरत के बाद शरीर को सामान्य होने में कितना समय लगता है, इस पर ध्यान दें। अगर मामूली गतिविधि के बाद भी बहुत ज्यादा सांस फूलती है, चक्कर आते हैं, सीने में दर्द होता है या धड़कन लंबे समय तक बहुत तेज रहती है, तो इसे गंभीरता से लें और चिकित्सकीय सलाह लें।

एक जरूरी बात

ये सभी सेल्फ-चेक स्वास्थ्य के शुरुआती संकेत समझने के लिए हैं, किसी बीमारी की पक्की जांच के लिए नहीं। किसी भी असामान्य रीडिंग या लगातार बने लक्षण के आधार पर खुद से बीमारी का निष्कर्ष निकालने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। इस 15 अगस्त पर देश के साथ-साथ अपनी सेहत की आजादी का भी ख्याल रखें,यानी समय रहते शरीर के संकेतों को पहचानें और जरूरत पड़ने पर सही कदम उठाएं।

 

ये भी  पढ़ें- ये भी पढ़ें- आयरन की कमी को न करें नजरअंदाज, शरीर में दिखें ये संकेत तो हो जाएं सावधान

 

  Written By Toshi Shah  

Rajeev Singh

आपके दिए हुए प्रोफाइल को **राजीव सिंह** और **TNP News** के अनुसार ढालकर, NBT/Times of India से जुड़े संदर्भ हटाकर इस तरह किया जा सकता है: ## राजीव सिंह, TNP News में एडिटर और एक्सप्लेनर एक्सपर्ट हैं। राजीव सिंह TNP News में एक्सप्लेनर, स्पेशल स्टोरीज और रिसर्च आधारित खबरों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनके एक्सप्लेनर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय, बिजनेस, राजनीति, सामाजिक मुद्दों और एंटरटेनमेंट समेत विभिन्न कैटेगरी की खबरों से जुड़े होते हैं। किसी भी विषय पर स्टोरी तैयार करते समय शरद दीक्षित रिसर्च, डीप डाइव, फैक्ट चेक, वैल्यू एड और विशेषज्ञों की राय को विशेष महत्व देते हैं। TNP News के लिए वे महत्वपूर्ण और चर्चित मुद्दों पर विश्लेषणात्मक एवं रियल टाइम स्टोरीज तैयार करते हैं। उनका फोकस किसी भी खबर को केवल प्रस्तुत करने के बजाय उसके पीछे की पूरी कहानी, तथ्यों और उसके संभावित प्रभाव को पाठकों तक सरल और प्रभावी तरीके से पहुंचाने पर रहता है। राजीव सिंह को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, राजनीति, बिजनेस, सामाजिक मुद्दों और मनोरंजन की खबरों पर लगातार नजर रखने का अनुभव है। किसी भी खबर पर उनकी पहली प्राथमिकता तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी होती है। इसके बाद वे यह समझने पर जोर देते हैं कि उस खबर का समाज, राजनीति, अर्थव्यवस्था और आम लोगों पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। ### पत्रकारिता का अनुभव राजीव सिंह ने पत्रकारिता के क्षेत्र में डेस्क, ग्राउंड रिपोर्टिंग, इंटरव्यू, रिसर्च, डिजिटल कंटेंट और स्पेशल स्टोरीज जैसी विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। अपने पत्रकारिता करियर के दौरान उन्होंने समाचारों के पारंपरिक माध्यमों के साथ-साथ डिजिटल पत्रकारिता की बदलती जरूरतों और नई तकनीकों को भी करीब से समझा है। उन्होंने राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर के महत्वपूर्ण मुद्दों को कवर करने के साथ-साथ राजनीतिक घटनाक्रम, चुनाव, सामाजिक विषयों, प्रशासनिक मुद्दों और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग और विश्लेषण किया है। TNP News में राजीव सिंह का प्रमुख फोकस रिसर्च आधारित पत्रकारिता, एक्सप्लेनर स्टोरी, डीप डाइव, स्पेशल स्टोरी और तथ्यपरक विश्लेषण पर है। उनका प्रयास रहता है कि जटिल और महत्वपूर्ण विषयों को आसान भाषा में इस तरह प्रस्तुत किया जाए कि पाठक खबर के साथ-साथ उसके कारण, प्रभाव और पूरे संदर्भ को भी समझ सके। ### पत्रकारिता का दृष्टिकोण राजीव सिंह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय घटनाओं, राजनीति, बिजनेस, सामाजिक मुद्दों और डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड पर उनकी लगातार नजर रहती है। वे खबर के तत्काल प्रभाव के साथ-साथ उसके दीर्घकालिक प्रभाव को भी समझने और पाठकों के सामने रखने पर जोर देते हैं। उनकी पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि पाठकों को **खबर के पीछे की कहानी, तथ्य और उसका असर** समझाना है। ### TNP News में भूमिका TNP News में राजीव सिंह एक्सप्लेनर, स्पेशल स्टोरीज, डीप डाइव और रिसर्च आधारित कंटेंट के साथ काम कर रहे हैं। वे महत्वपूर्ण घटनाओं और ट्रेंडिंग मुद्दों पर रियल टाइम एक्सप्लेनर और विश्लेषणात्मक स्टोरी तैयार करने के साथ डिजिटल ऑडियंस की जरूरतों के अनुसार कंटेंट को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी बनाने पर ध्यान देते हैं। TNP News के माध्यम से उनका प्रयास ऐसी पत्रकारिता को आगे बढ़ाना है जिसमें **तथ्य, रिसर्च, निष्पक्ष विश्लेषण और जनसरोकार** को प्राथमिकता मिले।

शॉर्ट वीडियो

सभी वीडियो