नई दिल्ली: अमेरिका में कश्मीरी मूल के भारतीय फिल्ममेकर अरफात शेख को अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) ने वॉशिंगटन डलेस इंटरनेशनल एयरपोर्ट से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई 24 सितंबर 2026 को हुई थी, लेकिन मामला अब सामने आया है। शेख के दोस्तों और समर्थकों ने आरोप लगाया है कि ICE अधिकारियों ने उन्हें बिना वारंट दिखाए हिरासत में लिया, जबकि उन्होंने अपने इमिग्रेशन दस्तावेज भी अधिकारियों के सामने पेश किए थे। 

एयरपोर्ट पर क्या हुआ?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 42 वर्षीय अरफात शेख कैलिफोर्निया से वॉशिंगटन डीसी जा रहे थे। उन्हें राजधानी में ‘Art as Resistance’ नाम के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेना था। उनके साथ लेखक और फिल्ममेकर तारा डोराबजी भी यात्रा कर रही थीं। डलेस एयरपोर्ट पर विमान से उतरने के बाद शेख को कई लोगों ने घेर लिया और उन्हें अपने साथ ले गए।

तारा डोराबजी के मुताबिक, शेख ने उन्हें आवाज देकर बताया कि ये लोग ICE के अधिकारी हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने शेख को जेटवे से हटाकर एयरपोर्ट के टारमैक की ओर ले जाया। डोराबजी का दावा है कि पूरी कार्रवाई के दौरान उन्होंने किसी अधिकारी को वारंट दिखाते हुए नहीं देखा। 

2019 में स्टूडेंट वीजा पर पहुंचे थे अमेरिका

‘Free Arfat Sheikh’ अभियान के मुताबिक, शेख 2019 में स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका पहुंचे थे। उन्होंने जॉर्जिया स्टेट यूनिवर्सिटी में फिल्म की पढ़ाई के लिए दाखिला लिया था। इसके बाद 2020 में उन्होंने अमेरिका में शरण (asylum) के लिए आवेदन किया था और उनका इमिग्रेशन आवेदन लंबित बताया जा रहा है। समर्थकों का कहना है कि उनके पास अमेरिका में रहने और काम करने की अनुमति से जुड़े दस्तावेज भी थे। 

कौन हैं अरफात शेख?

अरफात शेख फिल्ममेकर, लेखक और निर्माता हैं। उन्हें उनकी फिल्म ‘Saffron Kingdom’ के लिए जाना जाता है। फिल्म की कहानी कश्मीर और वहां संघर्ष से प्रभावित परिवारों की परिस्थितियों पर केंद्रित है। फिल्म को अमेरिका समेत कई देशों में प्रदर्शित किया गया है और इसे विभिन्न फिल्म समारोहों में पुरस्कार भी मिले हैं। 

फिलहाल कहां हैं शेख?

रिपोर्ट्स के अनुसार, हिरासत के बाद अरफात शेख को वर्जीनिया स्थित Caroline Detention Facility में रखा गया है। उनके समर्थन में ‘Free Arfat Sheikh’ अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें उनकी कानूनी मदद के लिए लोगों से सहयोग की अपील की गई है।

दूसरी ओर, ICE और अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी की ओर से इस हिरासत को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। इसलिए बिना वारंट हिरासत में लिए जाने का दावा फिलहाल उनके समर्थकों और संबंधित रिपोर्ट्स के हवाले से ही सामने आया है।