शिक्षा
दिल्ली के सरकारी स्कूलों में बदला मिड-डे-मील मेन्यू, अब हफ्ते में एक दिन मिलेगा इडली-सांभर
दिल्ली के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए मिड-डे-मील योजना के भोजन में बदलाव किया गया है।
दिल्ली के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए मिड-डे-मील योजना के भोजन में बदलाव किया गया है। प्रधानमंत्री पोषण योजना (PM पोषण) के तहत अब बच्चों को सप्ताह में एक दिन दक्षिण भारतीय व्यंजन इडली-सांभर भी परोसा जाएगा। शिक्षा निदेशालय ने छात्रों के लिए नया 6 दिवसीय भोजन मेन्यू जारी कर दिया है। नए आदेश के मुताबिक, पीएम पोषण योजना के अंतर्गत मिलने वाले भोजन में कुछ पुराने व्यंजनों को हटाकर नए विकल्प जोड़े गए हैं। संशोधित मेन्यू को दिल्ली के उन सभी स्कूलों में लागू किया जाएगा, जो इस योजना के तहत आते हैं।
6 दिन के चक्र में मिलेगा अलग-अलग भोजन
शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी नए मेन्यू में छह दिनों के लिए अलग-अलग भोजन तय किया गया है। इसमें पूरी-चना, चावल-दाल, कढ़ी के साथ अब इडली-सांभर को भी शामिल किया गया है।
नए मेन्यू के अनुसार
पहले दिन बच्चों को पूरी, काले चने की ग्रेवी और मैश की हुई सब्जियां दी जाएंगी।
दूसरे दिन इडली और सांभर परोसा जाएगा।
तीसरे दिन चावल, छोले और मैश की हुई सब्जियां मिलेंगी।
चौथे दिन पूरी, छोले और मैश की हुई सब्जियां दी जाएंगी।
पांचवें दिन चावल और दाल का भोजन होगा।
छठे दिन चावल और कढ़ी परोसी जाएगी।
इसके अलावा पुराने मेन्यू में शामिल रागी हलवे की जगह गेहूं का आटा और चना मसाला शामिल करने का सुझाव दिया गया है। वहीं वेजिटेबल दलिया की जगह ज्वार और बाजरा को शामिल किया जाएगा।
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इडली-सांभर शुरू करने के लिए मिला समय
शिक्षा विभाग ने बाकी बदलावों को तुरंत लागू करने के निर्देश दिए हैं, जबकि इडली-सांभर शुरू करने के लिए स्कूलों और भोजन उपलब्ध कराने वाली एजेंसियों को 24 अगस्त तक का समय दिया गया है। विभाग के अनुसार, इडली-सांभर बनाने के लिए अलग उपकरण, विशेष सामग्री और प्रशिक्षित कर्मचारियों की आवश्यकता होगी। इसी वजह से इस व्यंजन को लागू करने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है।
स्कूलों में एक जैसा खाना जरूरी नहीं
शिक्षा निदेशालय ने यह भी साफ किया है कि सभी स्कूलों में एक ही दिन एक जैसा भोजन उपलब्ध कराना अनिवार्य नहीं होगा। भोजन की सामग्री, परिवहन व्यवस्था और अन्य परिस्थितियों को देखते हुए एजेंसियां अलग-अलग स्कूलों में मेन्यू के अनुसार विकल्प बदल सकती हैं। हालांकि, हर स्कूल को छह दिनों के पूरे संशोधित भोजन चक्र का पालन करना होगा और तय किए गए सभी व्यंजनों को शामिल करना जरूरी रहेगा।
Written by Rozi Sinha
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