Government Medical Colleges in India: NEET UG 2026 Counselling: मेडिकल में दाखिले की रेस में AIIMS का नाम सबसे ऊपर आता है, लेकिन एम्स की सीटें सीमित होने के कारण हर अच्छे स्कोर वाले छात्र को यहां जगह मिलना आसान नहीं है। ऐसे में अगर आपकी रैंक AIIMS की कटऑफ तक नहीं पहुंची है, तो इसे MBBS के सपने का अंत बिल्कुल न समझें। देश में कई ऐसे सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं, जहां पढ़ाई, मरीजों का एक्सपोजर, फैकल्टी और फीस के मामले में छात्रों को बेहतर विकल्प मिल सकता है।
NEET UG काउंसलिंग के दौरान अक्सर छात्र केवल AIIMS और कुछ चुनिंदा कॉलेजों को लेकर ही ज्यादा फोकस करते हैं। जबकि NIRF Medical Ranking 2025 में AIIMS के अलावा भी कई प्रतिष्ठित सरकारी संस्थानों को अच्छी रैंकिंग मिली है। इनमें JIPMER, IMS-BHU, KGMU, Madras Medical College, VMMC और MAMC जैसे नाम शामिल हैं।इन कॉलेजों की एक बड़ी खासियत यह है कि ज्यादातर संस्थान बड़े सरकारी अस्पतालों से जुड़े हुए हैं। इसका फायदा MBBS छात्रों को क्लासरूम पढ़ाई के साथ वास्तविक मरीजों पर क्लीनिकल ट्रेनिंग के रूप में मिलता है।
AIIMS में सीट नहीं मिली तो क्या करें?
NEET UG 2026 के जरिए MBBS में दाखिले के लिए MCC की काउंसलिंग चल रही है। AIIMS की MBBS सीटों का आवंटन भी इसी काउंसलिंग प्रक्रिया के जरिए होता है। यहां प्रवेश मुख्य रूप से NEET रैंक, कैटेगरी और उपलब्ध सीटों के आधार पर होता है।AIIMS Delhi जैसे संस्थानों में कटऑफ काफी ऊपर जाती है। उदाहरण के तौर पर राउंड-1 में सामान्य/ओपन कैटेगरी के लिए AIIMS Delhi की MBBS सीट लगभग 52 रैंक तक गई, जबकि OBC कैटेगरी में भी करीब 192 रैंक तक सीट मिली। ऐसे में बहुत से छात्रों के लिए AIIMS की जगह दूसरे टॉप सरकारी मेडिकल कॉलेज ज्यादा व्यावहारिक विकल्प हो सकते हैं इसलिए काउंसलिंग में कॉलेज की चॉइस भरते समय केवल AIIMS पर निर्भर रहने के बजाय दूसरे प्रतिष्ठित सरकारी संस्थानों को भी प्राथमिकता सूची में रखना जरूरी है।
AIIMS के बाद किन सरकारी मेडिकल कॉलेजों पर नजर डालें?
NIRF Medical Ranking 2025 में कई ऐसे सरकारी मेडिकल संस्थान शामिल हैं, जिनकी देशभर में मजबूत पहचान है। यहां पढ़ाई के साथ-साथ बड़े अस्पतालों में मरीजों का एक्सपोजर MBBS छात्रों के लिए काफी उपयोगी हो सकता है।
1. JIPMER, पुडुचेरी
जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च यानी JIPMER देश के प्रमुख केंद्रीय मेडिकल संस्थानों में गिना जाता है। यहां MBBS छात्रों को मेडिकल शिक्षा के साथ क्लीनिकल ट्रेनिंग और रिसर्च का भी अवसर मिलता है।
NIRF Medical Ranking 2025 में JIPMER को चौथा स्थान मिला है। इसकी पहले साल की MBBS फीस करीब 14,920 रुपये बताई गई है। हालांकि हॉस्टल और अन्य शुल्क अलग हो सकते हैं।
2. IMS-BHU, वाराणसी
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी का इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज भी मेडिकल छात्रों के बीच काफी प्रतिष्ठित है। वाराणसी में स्थित यह संस्थान बड़े अस्पताल और मरीजों की संख्या के कारण क्लीनिकल एक्सपोजर के लिहाज से अच्छा विकल्प है।BHU जैसे बड़े विश्वविद्यालय का हिस्सा होने के कारण छात्रों को मेडिकल पढ़ाई के साथ एक मजबूत अकादमिक वातावरण भी मिलता है। फीस करीब 10 से 15 हजार रुपये सालाना के आसपास बताई गई है।
3. KGMU, लखनऊ
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी यानी KGMU उत्तर प्रदेश के सबसे चर्चित मेडिकल संस्थानों में से एक है। लखनऊ स्थित इस संस्थान की स्थापना और मेडिकल शिक्षा का लंबा इतिहास रहा है।बड़े अस्पताल से जुड़े होने के कारण MBBS छात्रों को बड़ी संख्या में मरीजों के साथ क्लीनिकल ट्रेनिंग का मौका मिलता है। NIRF 2025 में KGMU को 8वीं रैंक मिली है। MBBS की फीस करीब 18 हजार रुपये सालाना और अन्य शुल्क अलग हो सकते हैं।
4. Madras Medical College, चेन्नई
मद्रास मेडिकल कॉलेज देश के पुराने और प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में शामिल है। चेन्नई में स्थित यह कॉलेज बड़े सरकारी अस्पतालों से जुड़ा हुआ है, जिससे छात्रों को क्लीनिकल प्रैक्टिस का अच्छा अनुभव मिलता है।NIRF Medical Ranking 2025 में इसे 16वां स्थान मिला है। इसकी MBBS फीस करीब 20 से 25 हजार रुपये सालाना बताई गई है।
5. VMMC, नई दिल्ली
वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज यानी VMMC की सबसे बड़ी खासियत इसका सफदरजंग अस्पताल से जुड़ा होना है। यहां इलाज के लिए बड़ी संख्या में मरीज आते हैं, जिसका फायदा MBBS छात्रों की क्लीनिकल ट्रेनिंग में मिलता है।NIRF 2025 में VMMC को 22वीं रैंक मिली है। फीस करीब 30 से 40 हजार रुपये सालाना के आसपास बताई गई है, हालांकि वास्तविक शुल्क संस्थान के नए नोटिफिकेशन के अनुसार देखना चाहिए।
6. IPGMER, कोलकाता
इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च यानी IPGMER कोलकाता का प्रमुख सरकारी मेडिकल संस्थान है। यह SSKM अस्पताल से जुड़ा हुआ है, जिससे छात्रों को बड़े क्लीनिकल सेटअप में सीखने का अवसर मिलता है।NIRF Medical Ranking 2025 में इसे 23वीं रैंक मिली है। MBBS की फीस करीब 6,500 रुपये के आसपास बताई गई है।
7. MAMC, नई दिल्ली
मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज दिल्ली के प्रमुख सरकारी मेडिकल कॉलेजों में शामिल है। लोक नायक अस्पताल समेत इससे जुड़े अस्पतालों के कारण छात्रों को अलग-अलग तरह के मरीजों के साथ काम करने का अवसर मिलता है।NIRF 2025 में MAMC को 26वीं रैंक मिली है। इसकी MBBS फीस काफी कम है और करीब 240 रुपये सालाना बताई गई है। हालांकि दूसरे अनिवार्य शुल्क अलग से हो सकते हैं।
8. JNMC-AMU, अलीगढ़
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज भी MBBS के लिए एक प्रतिष्ठित विकल्प है। कॉलेज से जुड़े अस्पताल में मरीजों की संख्या छात्रों को क्लीनिकल अनुभव हासिल करने में मदद करती है।NIRF Medical Ranking 2025 में JNMC-AMU को 29वां स्थान मिला है। MBBS की फीस करीब 50 से 60 हजार रुपये सालाना बताई गई है।
9. Lady Hardinge Medical College, नई दिल्ली
नई दिल्ली का लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज देश के पुराने और प्रतिष्ठित सरकारी मेडिकल संस्थानों में शामिल है। खासतौर पर महिला छात्रों के लिए यह MBBS के प्रमुख विकल्पों में गिना जाता है।NIRF Medical Ranking 2025 में इसे 32वीं रैंक मिली है। फीस करीब 20 से 30 हजार रुपये सालाना के आसपास बताई गई है।
10. GMCH, चंडीगढ़
गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल यानी GMCH चंडीगढ़ भी MBBS के लिए मजबूत सरकारी विकल्प है। यहां छात्रों को मेडिकल पढ़ाई के साथ अस्पताल में क्लीनिकल ट्रेनिंग का अवसर मिलता है।NIRF Medical Ranking 2025 में GMCH को 34वां स्थान मिला है। इसकी MBBS फीस करीब 1 लाख रुपये सालाना बताई गई है।
काउंसलिंग में सिर्फ कॉलेज की रैंक न देखें
MBBS के लिए कॉलेज चुनते समय केवल NIRF रैंकिंग देखना पर्याप्त नहीं है। छात्र को कॉलेज की फीस, हॉस्टल, अस्पताल में मरीजों की संख्या, क्लीनिकल एक्सपोजर, इंटर्नशिप की व्यवस्था और अपने घर से दूरी जैसी चीजों को भी ध्यान में रखना चाहिए।खासकर सरकारी मेडिकल कॉलेजों में फीस का अंतर काफी ज्यादा हो सकता है। इसके अलावा हॉस्टल, परीक्षा, यूनिवर्सिटी, सिक्योरिटी और अन्य शुल्क अलग से लिए जा सकते हैं। इसलिए चॉइस लॉक करने से पहले संबंधित कॉलेज की 2026-27 की आधिकारिक फीस और काउंसलिंग से जुड़ी जानकारी जरूर देख लें।