Indian stock market: बीएसई सेंसेक्स 350 अंक की बढ़त के साथ 71,776.67 के स्तर पर खुला और कुछ ही देर में करीब 600 अंक से अधिक उछलकर 72,196.78 पर पहुंच गया। एनएसई निफ्टी ने 22,314.95 पर कारोबार की शुरुआत की। अमेरिका द्वारा भारतीय आईटी कंपनियों पर ग्रीन कार्ड से जुड़े PERM कार्यक्रम को निलंबित करने के अमेरिकी झटके के बावजूद TCS, Infosys और HCLTech जैसी आईटी कंपनियों के शेयरों में 4% तक का उछाल देखा गया। टीसीएस (TCS) के बेहतर तिमाही नतीजों (Q2) और एच-1बी वीजा को लेकर उम्मीदों से बाजार को सहारा मिला।

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हालत थी खराब

गुरुवार की बड़ी बिकवाली के बाद निवेशकों की ओर से निचले स्तर पर खरीदारी (Bargain buying) और तकनीकी रिकवरी (Technical rebound) को इस तेजी का मुख्य कारण माना जा रहा है। भारतीय शेयर बाजार आज (9 अक्टूबर 2026) बढ़त के साथ हरे निशान पर कारोबार कर रहा है,

जिससे पिछले कारोबारी सत्र की भारी गिरावट के बाद दलाल स्ट्रीट पर एक मजबूत रिकवरी देखने को मिली है। सुबह के सत्र में निफ़्टी 50 अपने पिछले बंद स्तर से करीब 250 अंक से अधिक की छलांग लगाकर 22,489.1 के स्तर पर बना हुआ है, जबकि बीएसई सेंसेक्स 750 अंकों से अधिक की रिकवरी के साथ 72,367.11 के पार पहुंच चुका है।

चौतरफा खरीदारी से बाजार में रौनक

8 अक्टूबर को रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में बढ़ोतरी और बढ़ते कच्चे तेल के दामों के बीच बाजार से करीब ₹11 लाख करोड़ की निवेशक संपत्ति साफ हो गई थी, लेकिन आज चौतरफा खरीदारी के चलते बाजार में फिर से तेजी लौट आई है। आज के सत्र में बैंकिंग, ऑटो और चुनिंदा आईटी (IT) शेयरों में निवेशकों का भरोसा दोबारा कायम हुआ है, जो बाजार को ऊपर ले जाने में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं।

तेल की कीमतों में उछाल और भारतीय आईटी आउटसोर्सिंग फर्मों द्वारा व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले ग्रीन कार्ड कार्यक्रम पर नए अमेरिकी नियामक दबाव के कारण लाभ सीमित रहने की संभावना थी। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, सुबह 7:41 बजे तक GIFT निफ्टी वायदा 22,379.5 पर था, जो निफ्टी 50 के लिए सकारात्मक शुरुआत का संकेत दे रहा है, जो गुरुवार को 22,231.80 पर बंद हुआ था।

अमेरिका ने खींचा हाथ फिर भी भारतीय बाजार गुलजार

अमेरिका द्वारा प्रमुख आईटी आउटसोर्सिंग फर्मों को स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम से निलंबित करने के बाद दबाव और बढ़ गया, जो ग्रीन कार्ड प्राप्त करने का एक प्रमुख मार्ग है। TCS, विप्रो, इंफोसिस और HCLTech समेत 8 बड़ी कंपनियों को ग्रीन कार्ड PERM प्रोग्राम से निलंबित कर दिया गया था। लेकिन उसका असर भारतीय शेयर बाजार पर ज्यादा नहीं देखा गया। डॉलर के मुकाबले रूपये में तेजी आई। डॉलर 96.74 और रूपया 4 पैसे की मजबूती देखी गई है।

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