Gold-silver price today: अक्तूबर के अंत में और त्योहार के सीजन में सोने चांदी के दामों में एक बार फिर भारी गिरावट देखने को मिली है। फेस्टिवल सीजन होने के बावजूद कीमतों में लगातार गिरावट के कारण मल्टी कमेडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर रेट में गिरावट दर्ज की गई। घरेलू बाजार की बात करें तो गोल्ड सिल्वर ज्वेलरी खरीदने वालों के लिए चांदी 40,000 रूपये प्रति किलोग्राम तक सस्ती हो गई है।

सोने का भाव (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट सोना: लगभग ₹1,38,850 से ₹1,40,050 प्रति 10 ग्राम।

22 कैरेट सोना: लगभग ₹1,27,450 प्रति 10 ग्राम (दिल्ली में)।

18 कैरेट सोना: लगभग ₹1,04,272 प्रति 10 ग्राम (दिल्ली में)।

इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट IBJA.Com के गोल्ड-सिल्वर रेट अपडेट पर नजर डालें। दिल्ली की सर्राफा दुकानों पर 30 सितंबर को चांदी की कीमत 2,20,435 रुपये प्रति किलो चल रही थी, जबकि 30 अक्टूबर को ये 1,81,344 रुपये पर बंद हुई. यानी घरेलू बाजारों में चांदी एक महीने में 39,091 रुपये प्रति किलो सस्ती हुई है। सोने की कीमत में आई गिरावट के बारे में, तो ये कीमती पीली धातु भी सिल्वर के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए नजर आई है।

एमसीएक्स पर सोना बीते 30 सितंबर के अपने क्लोजिंग रेट 1,49,036 रुपये से गिरते हुए 30 अक्टूबर को 1,38,419 रुपये पर आ गया. यानी सोना 10,617 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ है. बीते सप्ताह के आखिरी पांच कारोबारी दिनों में 10 Gram 24 Karat Gold Rate 1,42,024 रुपये से 3,605 रुपये कम हो गया।


चांदी का भाव (प्रति 1 किलो)


चांदी (99.9% शुद्धता): लगभग ₹1,79,460 से ₹2,17,000 प्रति किलोग्राम (शहरों के हिसाब से अलग-अलग)।

अक्टूबर महीने चांदी की कीमत में आई बड़ी गिरावट को लेकर बात करें तो Silver Price Crash का अंदाजा लगाने के लिए पहले एमसीएक्स प्राइस देखते हैं। वायदा कारोबार में बीते महीने के आखिरी कारोबारी दिन यानी 30 सितंबर को 1 Kg Silver Price 2,23,706 रुपये पर बंद हुआ था और बीते शुक्रवार यानी 30 अक्टूबर को ये कीमती धातु गिरते हुए 1,78,900 रुपये पर क्लोज हुई। इस हिसाब से चांदी महीनेभर में 44,806 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई।

India में सोने की कीमत को प्रभावित करने वाले कारक


अंतर्राष्ट्रीय बाजार दरें: वैश्विक आर्थिक स्थितियां और मुद्रा विनिमय दरें।

स्थानीय मांग और आपूर्ति: त्योहार, शादियाँ और सांस्कृतिक कार्यक्रम।

सरकारी नीतियां: आयात शुल्क और कराधान।

मुद्रास्फीति दरें: उच्च मुद्रास्फीति अक्सर सोने की कीमतों में वृद्धि की ओर ले जाती है।

India में सोने में निवेश क्यों करें?

मुद्रास्फीति से बचाव: सोना समय के साथ अपना मूल्य बनाए रखता है।

उच्च तरलता: आसानी से नकद में परिवर्तनीय।

सांस्कृतिक महत्व: परंपराओं और समारोहों का अभिन्न अंग। निवेश निर्णय लेने से पहले वित्तीय सलाहकारों से परामर्श करें।

क्या अभी सोना-चांदी खरीदना चाहिए?

जल्दबाजी के बजाय चरणबद्ध खरीदारी पर विचार करना बेहतर है।

गहने खरीदने वाले: जरूरत है तो मौजूदा भाव पर खरीदारी कर सकते हैं। मेकिंग चार्ज और हॉलमार्क जरूर देखें।

सोने के निवेशक: एकमुश्त निवेश के बजाय किस्तों में खरीदारी पर विचार करें।

चांदी के निवेशक: चांदी में उतार-चढ़ाव ज्यादा है, इसलिए जोखिम को ध्यान में रखें।

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