कलकत्ता: पश्चिम बंगाल के कलकत्ता हाईकोर्ट में बुधवार, 23 सितंबर को इंडियन सेक्युलर फ्रंट यानी आईएसएफ की एक बड़ी याचिका पर सुनवाई होने वाली है। दरअसल, यह याचिका ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट पार्टी के विधायक नौशाद सिद्दीकी ने दाखिल की है। इस याचिका के द्वारा उन्होंने चुनाव आयोग के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें पार्टी का चुनाव चिन्ह बदल दिया गया है।
आईएसएफ का चुनाव चिन्ह लिफाफा से बदलकर हुआ अलमारी
दरअसल, पहले ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट पार्टी को 'लिफाफा' चिन्ह मिला था, लेकिन अब चुनाव आयोग ने इसे बदलकर 'अलमारी' चिन्ह कर दिया है। पश्चिम बंगाल के कलकत्ता हाईकोर्ट में यह मामला आज जस्टिस कृष्णा राव की अदालत में सुना जाएगा।
चुनाव चिन्ह को लेकर पार्टी ने HC में दायर की याचिका
दरअसल, ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट पार्टी ने इसी वर्ष अप्रैल महीने में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में चुनाव आयोग द्वारा दिए गए 'लिफाफा' चिन्ह पर चुनाव लड़ा था। लेकिन अब यह चुनाव चिन्ह, चुनाव आयोग ने पार्टी से वापस ले लिया एवं उसकी जगह 'अलमारी' चिन्ह दे दिया गया है। आईएसएफ के पार्टी प्रमुख और भांगड़ सीट के विधायक नौशाद सिद्दीकी ने चुनाव आयोग के इस फैसले को 'अन्याय' बताते हुए, चुनाव आयोग के इस फैसले के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
आयोग ने आईएसएफ का चुनाव चिन्ह डीटीसी को दिया
इस मामले में दिलचस्प बात यह है कि ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट पार्टी का 'लिफाफा' चिन्ह अब तृणमूल कांग्रेस के एक गुट को दे दिया गया है, जिसका नेतृत्व ऋताव्रत बनर्जी कर रहे हैं। यह गुट 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' (डीटीसी) के नाम से जाना जाता है। यह पश्चिम बंगाल में स्थित एक राजनीतिक दल है, जो ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में विभाजन के बाद सितंबर 2026 में अस्तित्व में आया था। दरअसल, तृणमूल कांग्रेस में अंदरूनी कलह चलते पार्टी दो धड़ों में बंट गई थी।
23 सितंबर को कलकत्ता हाईकोर्ट में होगी सुनवाई
दरअसल, इस पूरे मामले का असर अब पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम एवं रेजीनगर सीटों पर 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव पड़ सकता है। पश्चिम बंगाल में होने वाले इस चुनाव का प्रचार 4 अक्टूबर को खत्म हो जाएगा। क्योंकि ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट पार्टी ने नंदीग्राम सीट से अपना उम्मीदवार भी उतारा दिया है, इसलिए चिन्ह से जुड़ा यह विवाद पार्टी के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस मामले में आईएसएफ पार्टी की तरफ से वकील शमीम अहमद ने मंगलवार, 22 सितंबर को जस्टिस राव की अदालत में इस बात का जिक्र करते हुए जल्द सुनवाई की मांग की थी, जिसके बाद आज बुधवार, 23 सितंबर को कलकत्ता हाईकोर्ट में इस पर सुनवाई होनी है।
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