नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ युद्ध खत्म होकर रहेगा, अब सवाल सिर्फ इतना है कि इसे ‘अच्छे तरीके’ से खत्म किया जाए या ‘कठोर तरीके’ से। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता बुरी तरह कमजोर हो चुकी है और अब वह पहले जैसा ‘मध्य पूर्व का दबंग’ नहीं रहा।
ट्रंप ने मंगलवार को मैरीलैंड के Sparrows Point में एक नए शिपयार्ड की घोषणा के दौरान ईरान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हम ईरान में बेहद अच्छा कर रहे हैं। उनके पास कोई सेना नहीं है... पूरा सिस्टम तबाह हो चुका है। हालांकि ये ट्रंप के अपने दावे हैं।
जल्द पता चल जाएगा क्या होने वाला है?
ट्रंप ने कहा कि ईरान के मामले में अब ज्यादा समय तक स्थिति ऐसी नहीं रहने वाली। उन्होंने कहा कि अब फैसला इस बात पर है कि अमेरिका इस संघर्ष को किस तरीके से खत्म करना चाहता है। हमें इसे खत्म करना है। अब सिर्फ यह सवाल है कि हम इसे किस तरीके से करना चाहते हैं, अच्छे तरीके से या फिर अच्छे तरीके के बिना। बहुत जल्द आपको पता चल जाएगा।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच महीनों से चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए बातचीत और दबाव दोनों जारी हैं। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों पक्ष युद्ध समाप्त करने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर किसी संभावित समझौते के रास्ते तलाश रहे हैं।
ईरान अब पहले जैसा ताकतवर नहीं
ट्रंप ने ईरान को मध्य पूर्व का पुराना ‘बुली’ बताते हुए कहा कि अब स्थिति बदल चुकी है। उनके मुताबिक अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान की सैन्य ताकत काफी कमजोर हुई है। हालांकि, ईरान की वास्तविक सैन्य स्थिति को लेकर ट्रंप के दावों को उनके बयान के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। दूसरी ओर, संघर्ष अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव बना हुआ है।
होर्मुज पर ‘स्टील की दीवार’ का दावा
ट्रंप ने ईरान के समुद्री यातायात पर अमेरिकी कार्रवाई का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने समुद्र में ऐसी ‘स्टील की दीवार’ खड़ी कर दी है कि कोई भी जहाज ईरान तक नहीं पहुंच पा रहा। केवल उन्हीं जहाजों को आगे जाने की अनुमति दी जा रही है जिन्हें अमेरिका जाने देता है। उन्होंने दावा किया कि इसका ईरान पर 'बहुत बड़ा असर' पड़ा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य इस पूरे संघर्ष में बेहद अहम बना हुआ है, क्योंकि यह वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए प्रमुख समुद्री रास्ता है। हाल के महीनों में यहां शिपिंग को लेकर भारी व्यवधान देखने को मिला है।
ईरान को परमाणु हथियार नहीं हासिल करने देंगे
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिकी नौसेना यह सुनिश्चित कर रही है कि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल न कर सके। उन्होंने इसे अमेरिका की स्पष्ट नीति बताते हुए कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने भी हाल में कहा है कि युद्ध खत्म करने के लिए ईरान को अपनी परमाणु संवर्धन क्षमता में महत्वपूर्ण कमी करनी होगी।
WWII के बाद सबसे बड़ा अमेरिकी शिपयार्ड!
ईरान पर बयान के साथ ट्रंप ने मैरीलैंड में बड़े शिपयार्ड प्रोजेक्ट की घोषणा भी की। रक्षा सचिव Pete Hegseth के मुताबिक यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिका का सबसे बड़ा शिपयार्ड प्रोजेक्ट हो सकता है। इस परियोजना में Anduril Industries 3.7 अरब डॉलर का निवेश करेगी, जबकि अमेरिकी नौसेना की ओर से 2.9 अरब डॉलर का योगदान होगा। कुल निवेश करीब 6.6 अरब डॉलर का है और यहां परमाणु ऊर्जा से चलने वाली Virginia-class पनडुब्बियों के लिए महत्वपूर्ण उपकरण और कंपोनेंट तैयार किए जाएंगे।
पहले भी दे चुके हैं ‘ईजी या हार्ड वे’ की चेतावनी
ईरान को लेकर ट्रंप का यह बयान अचानक नहीं आया है। इससे पहले शनिवार को भी उन्होंने कहा था कि ईरान के मामले में उन्हें फैसला लेना है और इसका परिणाम ‘आसान रास्ते’ या ‘कठिन रास्ते’ के रूप में सामने आ सकता है। अब मंगलवार को ट्रंप ने फिर लगभग उसी अंदाज में कहा है कि ईरान युद्ध का अंत होगा, लेकिन इसे किस तरीके से खत्म किया जाएगा, यह अभी तय होना बाकी है।