Putin: रूस-यूक्रेन युद्ध अभी जारी है। इसी बीच रूसी राष्ट्रपति ने एक ऐसा बयान दे दिया है। जिसने दुनिया में तहलका मचा दिया है। बता दें कि अमेरिका समेत नाटो के कई देश रूस पर प्रतिबंध लगाते हुए आ रहे है। यहां तक की अमेरिका ने तो रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की चेतावनी दे दी है। वहीं अब पुतिन ने कई देशों पर परमाणु धमकी देते हुए चेतावनी दे दी है। चलिए आपको बताते है कि क्या है पूरा माजरा।
पुतिन की नई धमकी से मचा हड़कंप
रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने नाटो देशों को धमकाते हुए कहा कि अगर कलिनिनग्राद या रूस के किसी अन्य इलाके पर हमला किया जाता है तो रूस नाटो के देशों पर परमाणु हमला करने पर पीछे नहीं हटेगा। पुतिन ने यह भी दावा किया कि रूस का 2029, 2030 या 2050 में किसी दूसरे देश पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन हमला होने पर वह जवाबी कार्रवाई करेगा। बता दें कि रूट और नाटो देशों की लगातार तनातनी जारी है। वहीं अब पुतिन के इस बयान ने तहलका मचा दिया है।
कलिनिनग्राद रूस के लिए बेहद महत्वपूर्ण
बता दें कि कलिनिनग्राद के लिए काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि बाल्टिस्क बंदरगाह पर रूस के बाल्टिक बेड़े का अहम ठिकाना है। इससे रूस को बाल्टिक सागर में अपने युद्धपोत तैनात रखने और समुद्री गतिविधियों पर नजर रखने में मदद मिलती है। बता दें कि नाटो के देश कई बार इस जगह पर हमले की बात कह चुके है। यही कारण है कि पुतिन ने नाटो देशों को खुलेआम धमकी दे दी है।
क्या है नाटो?
नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइज़ेशन (NATO) एक इंटरनेशनल मिलिट्री अलायंस है जिसमें यूरोप और नॉर्थ अमेरिका के 32 मेंबर देश शामिल हैं । नाटो की स्थापना 4 अप्रैल 1949 को उत्तरी अटलांटिक संधि (वाशिंगटन संधि) पर हस्ताक्षर के माध्यम से हुई थी। गठबंधन के 12 संस्थापक सदस्य थे। जिसमे - बेल्जियम , कनाडा , डेनमार्क , फ्रांस, आइसलैंड , इटली , लक्जमबर्ग , नीदरलैंड , नॉर्वे , पुर्तगाल , यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल है।
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