China: तिब्बत वॉच की एक नई स्टडी में चीन को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। जिसने तिब्बत के साथ-साथ भारत की भी चिंता बढ़ा दी है। फायुल द्वारा जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने तिब्बत में अपनी ड्रोन और काउंटर-ड्रोन क्षमताओं का विस्तार किया है। इसके तहत बिना पायलट वाले विमान, ऑटोमेटेड डॉकिंग स्टेशन और ड्रोन-डिटेक्शन सिस्टम को एक बड़े सर्विलांस नेटवर्क में तेजी से शामिल किया जा रहा है।
चीन की नई चाल से मचा हड़कंप
चीन की तरफ से लगातार तिब्बत पर दावा किया जाता रहा है। रिपोर्ट जारी होने के बाद कई तरह के सवाल उठना शुरू हो गए है कि क्या आने वाले दिनों में चीन तिब्बत में कुछ बड़ा करने जा रहा है। बता दें ये कि कोई सामान्य इलाका नहीं है। यह दुनिया के सबसे ऊंचे और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में से एक है। वहीं चीन की इस चाल ने एक नई बहस छेड़ दी है।
ड्रोन समेत आधुनिक उपकरण किए गए स्थापित
जानकारी के मुताबिक चीन ने तिब्बत में अपनी ड्रोन और काउंटर ड्रोन क्षमताओं का विस्तार किया है। सबसे खास बात है कि इसमे निगरानी वाले ड्रोन, ऑटोमेटेड ड्रोन सिस्टम समेत कई तरह के आधुनिक उपकरण लगाए गए है। मालूम हो कि ड्रोन का इस्तेमाल सीमा पर निगरानी, आपातकालीन राहत, सुरक्षा व्यवस्था, गश्त, आतंकवादी विरोधी अभियान जैसी चीजों में इस्तेमाल किया जाता है।
क्या है चीन-तिब्बत विवाद?
तिब्बती पक्ष तिब्बती लोगों की भाषा,धर्म,संस्कृति और राजनीतिक अधिकारों के लिए अधिक स्वायत्तता चाहता है। चीन का कहना है कि तिब्बत चीन का अभिन्न हिस्सा है और देश को विभाजित करने वाली किसी मांग को स्वीकार नहीं किया जा सकता। यही कारण है कि दोनों पक्षों के बीच विवाद रहता है।
भारत पर क्यों मंडराया संकट
बताते चले कि तिब्बत में चीन की तरफ से लगातार ड्रोन जैसी आधुनिक उपकरण स्थापित किए जा रहे है। क्योंकि भारत तिब्बत से सटा हुआ देश है। तो अगर यहां किसी प्रकार की गतिविधियां होती है तो इसका सीधा असर भारत पर पड़ सकता है।
इसके साथ ही इन उपकरणों की मदद से चीन भारत की भी निगरानी कर सकता है। जो आंतरिक सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है। मालूम हो कि चीन अरुणाचल प्रदेश पर भी हक जताता रहा है।
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