बलूचिस्तान : बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती पर मस्तुंग इलाके में स्थानीय लोगों के बागानों को जलाने या गिराने की धमकी देने का आरोप लगा है। इस मामले को लेकर बलोच वॉयस फॉर जस्टिस ने चिंता जताते हुए इसे नागरिक अधिकारों और आजीविका पर हमला बताया है।
निजी स्वामित्व वाले बागानों को निशाना
संगठन की मीडिया विंग की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अगर निजी स्वामित्व वाले बागानों को निशाना बनाया जाता है, तो यह लोगों के मौलिक अधिकारों का गंभीर उल्लंघन हो सकता है।
बलोच वॉयस फॉर जस्टिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कथित धमकियों को चिंताजनक और निंदनीय बताया। संगठन का कहना है कि मस्तुंग क्षेत्र में कई परिवारों की आय का मुख्य साधन कृषि भूमि और बागान हैं, ऐसे में इन्हें नुकसान पहुंचाने की धमकी लोगों की आर्थिक सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है।
मानवाधिकारों की स्थिति पर सवाल
संगठन ने आरोप लगाया कि बलूचिस्तान में पहले से ही मानवाधिकारों की स्थिति को लेकर सवाल उठते रहे हैं और ऐसे कदम स्थानीय लोगों पर दबाव बनाने का जरिया बन सकते हैं।
बलोच वॉयस फॉर जस्टिस ने कहा कि बागानों को नष्ट करने, संपत्ति गिराने या मालिकों को गिरफ्तार करने जैसी धमकियां संपत्ति के अधिकार, रोजगार और आजीविका से जुड़े सवाल खड़े करती हैं।
आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग
संगठन ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उसने Amnesty International, Human Rights Watch और संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार तंत्र से कथित आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है।
बलोच वॉयस फॉर जस्टिस ने पाकिस्तान सरकार और बलूचिस्तान सरकार से अपील की है कि वे ऐसे कदमों से बचें जिनसे नागरिकों में डर पैदा हो, निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचे या सामूहिक दंड जैसी स्थिति बने।
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