नुवाकोट: नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचा दी है। इस आपदा में अब तक कम से कम 1,344 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रभावित और संपर्क से कटे इलाकों तक राहत पहुंचाने के लिए नेपाली सेना के साथ अंतरराष्ट्रीय टीमें बड़े पैमाने पर मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) अभियान चला रही हैं।
नुवाकोट जिले में नेपाली सेना की इंजीनियरिंग इकाइयां उफनती तादी नदी पर रोप ब्रिज (रस्सी पुल) का निर्माण कर रही हैं। इसका उद्देश्य बाढ़ के कारण राष्ट्रीय सड़क नेटवर्क से कट चुके इलाकों में दोबारा जमीनी संपर्क बहाल करना है।
इसी बीच, खराब मौसम और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद हवाई बचाव अभियान लगातार जारी है। नेपाली सेना ने नुवाकोट और रसुवा जिलों में लगभग 20 हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं। ये हेलीकॉप्टर तलाशी, बचाव और राहत सामग्री पहुंचाने के साथ-साथ फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के काम में जुटे हैं।
सेना के मुताबिक, पहाड़ी इलाकों में खराब मौसम, कठिन भू-भाग और बाढ़ से क्षतिग्रस्त हेलिपैड की कमी के बावजूद एयरक्रू लगातार राहत एवं बचाव मिशन को अंजाम दे रहे हैं। सेना द्वारा जारी तस्वीरों और वीडियो में संकरी पहाड़ी घाटियों के बीच हेलीकॉप्टरों को राहत और बचाव अभियान चलाते हुए देखा जा सकता है।
चिलिमे सुरंग में भारत की मदद
नेपाल में भोते कोशी नदी की बाढ़ से प्रभावित इलाकों में भी बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। नेपाल पुलिस ने भी स्थिति को लेकर अपडेट जारी किया है। इस आपदा में मृतकों की संख्या 1,344 तक पहुंच गई है।
नेपाल में जारी HADR अभियान में भारत लगातार सहायता प्रदान कर रहा है। रसुवा जिले में भीषण बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित चिलिमे सुरंग में अभियान को आगे बढ़ाने के लिए भारतीय टनल रेस्क्यू टीम ने नेपाली सेना के साथ मिलकर काम किया।
संयुक्त अभियान के तहत सुरंग के अंदर जमा पानी को बाहर निकाला गया और शाफ्ट में खुदाई को और गहरा किया गया। इस प्रयास से सुरंग के अंदर के संवेदनशील हिस्सों तक पहुंच बनाने और उन्हें सुरक्षित करने में मदद मिली।
नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अभियान की जानकारी साझा करते हुए कहा कि भारत तकनीकी विशेषज्ञता के साथ-साथ मानवीय सहायता के जरिए नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है।
भारतीय विशेषज्ञों ने सुरंग के अंदर जमा पानी को सफलतापूर्वक निकालने के बाद टीमों को आगे खुदाई और कमजोर हिस्सों को सुरक्षित करने में मदद की। भारी मशीनरी और उच्च क्षमता वाले उपकरणों को सुरंग के मुहाने तक पहुंचाने के लिए इंजीनियरिंग टीमें एक अस्थायी एक्सेस ट्रैक भी तैयार कर रही हैं।
स्थानीय लोगों के लिए मेडिकल कैंप
तकनीकी बचाव अभियान के साथ भारतीय दल में शामिल चिकित्सा अधिकारियों ने स्थानीय समुदाय के लिए मेडिकल हेल्थ कैंप भी आयोजित किया। यहां लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई और जरूरी चिकित्सा एवं राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई।
नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव अभियान लगातार तेज किया जा रहा है। नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और भारत समेत विभिन्न एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंच बनाने और लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए मिलकर काम कर रही हैं।
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