Asian Games Cricket Pitch: एशियन गेम्स 2026 की शुरुआत 24 सितंबर से हो रही है। वहीं, टीम इंडिया की टूर्नामेंट में पहली भिड़ंत 28 सितंबर को होगी। अभी तक उनकी विपक्षी टीम का खुलासा नहीं हुआ है। इस प्रतियोगिता में भारतीय पुरुष टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर करेंगे तो उप कप्तान का पद तिलक वर्मा को सौंपा गया है।
टूर्नामेंट के सभी ब्लॉकबस्टर मैच जापान में स्थित निस्शिन में बने कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क (Korogi Sports Park) में खेले जाएंगे। चलिए आपको बताते हैं कितना बड़ा है ये मैदान और बाकी क्रिकेट ग्राउंड से क्या है अलग।
बेसबॉल की जगह बनाया क्रिकेट ग्राउंड
कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क को पहले बेसबॉल क्रिकेट ग्राउंड के रूप में इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन एशियन गेम्स 2026 की वजह से इसको क्रिकेट ग्राउंड के तौर पर नए सिरे से तैयार किया गया।
आपको जानकर हैरानी होगी कि पहले यहां पर तीन बेसबॉल ग्राउंड थे, लेकिन इसको बदलकर एक क्रिकेट मैदान तैयार किया गया है। यहां तक की मैदान बड़ा होने के कारण आयोजको को मैदान की लंबाई से लेकर पिच की तैयारी तक काफी मदद मिली।
65 मीटर लंबी होगी बाउंड्री
एशियन गेम्स 2023 की तुलना में यहां की बाउंड्री 10 मीटर लंबी होगी। प्रतियोगिता का पिछला संस्करण चीन के झांगझोऊ शहर में खेला गया था, जहां पर बाउंड्री 55 मीटर की दूरी पर थी, लेकिन कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क की बाउंड्री 65 मीटर लंबी होगी।
यानी पिछली बार की तुलना में इस बार बल्लेबाजों को छक्का लगाने के लिए थोड़ा अधिक ताकत का इस्तेमाल करना होगा। एशियन गेम्स में क्रिकेट तकनीकी संचालन से जुड़े अधिकारी एडम बिर्स ने बताया कि इस मैदान को नए सिरे से बनाने का फायदा हुआ है।
जहां चीन के झांगझोऊ में पहले से क्रिकेट ग्राउंड बनाने के लिए सीमाएं निर्धारित थीं, लेकिन निस्शिन में ऐसा कुछ नहीं था। पिछली बार के मुकाबले इस बार हमको अधिक जगह मिली।
पिच बनाने में श्रीलंका ने की मदद
जापान अपने देश में क्रिकेट को एक रोमांचक खेल के रूप में प्रस्तुत करना चाहता है और यही वजह है कि वह क्रिकेट ग्राउंड से लेकर बनाई जाने वाली पिच तक किसी में कोई कमी नहीं छोड़ रहा है। एशियन क्रिकेट काउंसिल ने पिच बनाने के लिए श्रीलंका क्रिकेट से मदद मांगी थी।
श्रीलंका ने कैंडी के पल्लेकेले इंटरनेशनल स्टेडियम के पिच क्यूरेटर असिथा विजया सिंघे को यहां पर पिच तैयार करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी थी।
आपको बताते दें कि, पल्लेकेले का मैदान अपने हाई-स्कोरिंग मुकाबलों के लिए जाना जाता है और ऐसे में निस्शिन में भी बल्लेबाजों का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। साथ ही बाउंड्री छोटी होने पर कई बड़े कीर्तिमान बनते भी यहां दिख सकते हैं।
नई तकनीक से तैयार हुई पिच
एशियन गेम्स में कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में सिर्फ पारंपरिक टर्फ पिच का उपयोग नहीं होगा, बल्कि यहां पर 4 टर्फ पिचों के अलावा एक हाईब्रिड पिच को भी तैयार किया गया है। इस पिच को नेचुरल मिट्टी और सिंथेटिक फाइबर्स का यूज करके तैयार किया है।
आपको बताते दें कि, इस तकनीक का इस्तेमाल आमतौर पर ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका में बनाई जाने वाली पिचों में किया जाता है और इसका फायदा यह होता है कि लगातार मैच होने बावजूद पिच जल्दी नहीं घिसती है और खराब नहीं होती है। ऐसे में यहां पर ज्यादा से ज्यादा मैच आसानी से करवाए जा सकते हैं।
पिच पर तेज गेंदबाजों को मिलेगी मदद
भले ही बाउंड्री छोटी और पिच तैयार करने की जिम्मेदारी पल्लेकेले के पिच क्यूरेटर असिथा विजया को सौंपी गई है, लेकिन यहां पर तेज गेंदबाजों को भी मदद मिल सकती है। नई गेंद से तेज गेंदबाज कहर बरपाते दिख सकते हैं तो मिडिल ओवरों में स्पिनरों को काफी मदद पिच से मिलेगी। आपको बताते दें कि, पिच की एक यह खासियत है कि इसको तैयार करने के लिए स्थानीय मिट्टी का यूज किया गया है।
बिर्स के अनुसार, मिट्टी में मौजूद र्ले कंटेंट तेज गेंदबाजजों को पिच से अतिरिक्त उछाल मुहैया करवाएगा तो स्पिनरों को भी गेंद पर ग्रिप मिलने में मदद देगी। हालांकि, सिर्फ ऐसा कहा जा रहा है। अब मैच के समय ही पता चलेगा कि यह दावे कितने सच और कितनी अफवाह निकलते हैं।
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