टोक्यो (जापान): भारत और जापान के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75 साल वर्ष 2027 में पूरे होंगे। इस मौके को दोनों देश भविष्य की साझेदारी को और मजबूत करने के अवसर के रूप में देख रहे हैं।
जापान का भारत के साथ संबंधों को मजबूत करने पर जोर
जापान के कैबिनेट फेरबदल के बाद पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने भारत के साथ संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को कानून आधारित स्वतंत्र और खुले अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को मजबूत करने और वैश्विक चुनौतियों के समाधान में नेतृत्वकारी भूमिका निभानी चाहिए।
भारत-जापान के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी
मोतेगी ने कहा कि भारत-जापान के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी स्थापित है और भारत एक भरोसेमंद साझेदार है, जो समान रणनीतिक दिशा को साझा करता है। उन्होंने कहा कि 2027 दोनों देशों के लिए भविष्य की संभावनाओं को साझा करने का वर्ष होगा।
भारत-जापान संबंधों की 75वीं वर्षगांठ पर कई योजनाओं पर विचार
भारत-जापान संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर संस्कृति, कला, खेल, विज्ञान और स्थानीय निकायों के बीच सहयोग बढ़ाने की कई योजनाओं पर काम चल रहा है। दोनों देश आर्थिक सुरक्षा, निवेश और नवाचार के जरिए एक मजबूत और परस्पर सहयोगी साझेदारी बनाने पर भी ध्यान दे रहे हैं।
जापान के विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच भारत और जापान का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है। अब जापानी सरकार की नजर इस बात पर है कि भारत सरकार इस नई पहल को किस तरह आगे बढ़ाती है।
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