Donald Trump: भारत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि आखिर वह विश्व गुरु क्यों कहलाता है। रूस और यूक्रेन युद्ध के बीच इंडिया ने चुपके से गेम कर दिया है। दरअसल ट्रंप ने बीते दिन अपने एक्स हैंडल ट्रुथ सोशल पर जानकारी दी कि रूस और यूक्रेन के बीच एनर्जी सीजफायर हो चुका है।

लेकिन क्या आपको पता है कि ट्रंप से ज्यादा इस सीजाफायर को लेकर भारत की चर्चा हो रही है। सवाल तो यह भी उठ रहा है कि इस सीजफायर में कहीं भारत का हाथ तो नहीं। आईए आपको बताते है इससे जुड़ी क्या है पूरी कहानी।

भारत ने कैसे चली शांति की कूटनीतिक चाल?

रूस-यूक्रेन युद्ध महीनों से जारी है। कई बार दोनों देशों के बीच सीजफायर कराने की कोशिश की गई, लेकिन हार बार यह बेनतीजा निकली। भारत लंबे समय से दोनों देशों से बातचीत और शांति की अपील करता रहा है,

लेकिन अक्टूबर 2026 में सामने आए प्रस्ताव के बाद उसकी भूमिका ज्यादा सक्रिय नजर आ रही है। रूस के राष्ट्रपति पुतिन और पीएम मोदी के बीच कुछ महीनों में कई बार बातचीत हो चुकी, क्योंकि रूस और भारत काफी अच्छे दोस्त है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार सीजफायर का पक्षधर रहे है। यही कारण है कि ट्रंप के ऐलान के बाद भारत की भी चर्चा शुरू हो गई है।

Trump-Putin की सीक्रेट डील से हलचल तेज

हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप और पुतिन के बीच मुलाकात हुई, जिसमे कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई है। डीजल को लेकर भी दोनों देशों के बीच डील हुई थी। ट्रंप ने रूस-यूक्रेन एनर्जी सीजफायर को लेकर अहम जानकारी दी है। सवाल यह भी उठ रहा है कि रूस-यूक्रेन में शांति के बाद अब पुतिन अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता कराएंगे।

अमेरिकी राष्ट्रपति लगातार ईरान को दमकी देने में लगे हुए है, उन्होंने साफ कहा है कि या तो ईरान सीजफायर कर ले या फिर उसपर भीषण हमला किया जाएगा। वहीं अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या ट्रंप के बाद पुतिन भी जल्द ऐलान कर सकते है।

सीजफायर पर क्या बोले जेलेंस्की

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा, "मैंने अभी MarkJCarney, alexstubb और SecGenNATO मार्क रुटे से बात की। हमने राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा घोषित एनर्जी सीज़फ़ायर पर चर्चा की। यूक्रेन इस सीज़फ़ायर का समर्थन करता है और यह ज़रूरी है कि रूस भी इसका समर्थन करे। हम अमेरिकी पक्ष से जानकारी का इंतज़ार कर रहे हैं। अपनी ओर से, यूक्रेन तनाव कम करने, लोगों की जान बचाने और युद्ध खत्म करने व स्थायी शांति सुनिश्चित करने के लिए ज़रूरी फ़ैसलों का हमेशा पूरी तरह से समर्थन करता है। धन्यवाद"!

 

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