क्रिकेट (Cricket) की दुनिया में अब तक एक से बढ़कर एक दमदार खिलाड़ी हुए हैं, जिन्होंने अकेले दम पर इस खेल की रूपरेखा बदलने का काम किया है। हालांकि उनमें से कुछ ही ऐसे हैं, जिन्होंने कुछ ऐसे रिकॉर्ड बना रखा है, जिन्हें शायद आने वाले कई सालों तक कोई नहीं तोड़ पाएगा।
आज के अपने इस आर्टिकल के जरिए हम तीन ऐसे ही दमदार खिलाड़ियों के बारे में बात करने जा रहे हैं, जिन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में 3 ऐसे अनोखे रिकॉर्ड बनाए हैं, जो शायद सालों तक कोई नहीं तोड़ सकेगा।
इन 3 रिकॉर्ड्स को तोड़ना मुश्किल
Don Bradman के औसत का रिकॉर्ड
अक्सर रिकॉर्ड्स बनते ही टूटने के लिए हैं। लेकिन कुछ रिकॉर्ड ऐसे होते हैं, जिन्हें तोड़ पाना किसी के लिए भी आसान नहीं है। ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज सर डॉन ब्रैडमैन के टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजी औसत का रिकॉर्ड भी उन्हीं में से एक है।
टेस्ट में उनका औसत 99.94 का है, जो कि कोई मामूली बात नहीं है 1928 से लेकर 1948 तक टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 52 मैच खेले, जिसकी 80 पारियों में उनके बल्ले से 6996 रन आए। उनका औसत 99.94 का रहा। उन्होंने इस बीच 29 शतक और 13 अर्धशतक जड़ा। क्रिकेट की दुनिया में आज तक कोई भी ऐसा खिलाड़ी नहीं हुआ, जिसने टेस्ट में 20 या उससे अधिक मैच खेले हों और करीब 65 की भी औसत से रन बनाया हो। ऐसे में 99 तो दूर की बात है।
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Muttiah Muralitharan का सबसे ज्यादा विकटों का रिकॉर्ड
अक्सर लोग इसकी बात नहीं करते लेकिन इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकटों का रिकॉर्ड एक ऐसा रिकॉर्ड है, जो शायद आने वाले कई सालों में कोई नहीं तोड़ पाएगा। इसके पीछे की वजह खेल का लगातार हो रहा विकास है। दरअसल, मुथैया मुरलीधरन ने 1992 में इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखा और 2011 तक 495 इंटरनेशनल मैच खेले, जिसकी 583 पारियों में उन्होंने 1347 विकेट चटकाए। इस दौरान उन्होंने 77 बार 5 विकेट और 22 बार 10 विकेट हॉल लिया है।
लास्ट कुछ सालों से टी20 क्रिकेट और अन्य लीग काफी ज्यादा बढ़ गई हैं, जिस वजह से इंटरनेशनल क्रिकेट में खिलाड़ी लगातार खेलते नजर नहीं आते और इसके चलते उन्हें मुरलीधरन जितने मुकाबले खेलने का मौका नहीं मिल पाएगा और अगर मिलता भी है तो वो खुद को इतना फिट नहीं रख पाएंगे, जिस वजह से 1347 विकटों का रिकॉर्ड शायद कोई नहीं तोड़ पाए। सबसे ज्यादा इंटरनेशनल विकेट के मामले में शेन वॉर्न 1001 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर हैं। दोनों के बीच बहुत बड़ा गैप है। ऐसे में कोई वॉर्न का रिकॉर्ड ही तोड़ ले वही उसके लिए बड़ी बात है।
Rohit Sharma का 264 रन का रिकॉर्ड
वनडे क्रिकेट क्रिकेट में रोहित शर्मा के 264 रन की सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्ड भी एक ऐसा रिकॉर्ड है, जिसे शायद कोई नहीं तोड़ सकेगा। हिटमैन ने श्रीलंका के खिलाफ साल 2014 में 264 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी। उस दौरान उन्होंने 173 गेंदों का सामना किया था और 33 चौके व 9 छक्के जड़े थे। उनका स्ट्राइक रेट 152.50 का था। उनका रिकॉर्ड तोड़ पाना किसी के लिए इसलिए भी नामुमकिन है, क्योंकि वनडे क्रिकेट के इतिहास में आज तक कोई बल्लेबाज 250 रन भी नहीं कंप्लीट कर पाया है, 264 तो दूर की बात है।
वनडे में सबसे बड़ी पारी खेलने के मामले में रोहित 264 के साथ पहले जबकि मार्टिन गप्टिल 237 के साथ दूसरे नंबर पर है। तीसरे पर हैं वीरेंद्र सहवाग, जिन्होंने 219 रन बनाए हैं।
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