म्यूनिख (जर्मनी): चीन के शिनजियांग क्षेत्र (जिसे उइगर संगठन ईस्ट तुर्किस्तान कहते हैं) में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध तेज हो रहा है। वर्ल्ड उइगर कांग्रेस (WUC) ने अपनी साप्ताहिक रिपोर्ट जारी करते हुए चीन की नीतियों के खिलाफ बढ़ती वैश्विक प्रतिक्रिया और उइगर समुदाय के अधिकारों के लिए चल रहे प्रयासों की जानकारी दी।

वर्ल्ड उइगर कांग्रेस 2026

WUC ने बताया कि उसने "Reimagining Self-Determination" विषय पर आयोजित 2026 सम्मेलन में हिस्सा लिया। यह सम्मेलन अनरिप्रेजेंटेड नेशंस एंड पीपल्स ऑर्गेनाइजेशन (UNPO) द्वारा आयोजित किया गया था, जिसने अपनी स्थापना की 35वीं वर्षगांठ भी मनाई।

UNPO की महासभा में उइगर प्रतिनिधिमंडल

सम्मेलन के बाद उइगर प्रतिनिधिमंडल ने UNPO की महासभा में भाग लिया, जहां संगठन के नए नेतृत्व का चुनाव हुआ। WUC की उपाध्यक्ष जुमरेटे अरकिन को UNPO की नई प्रेसिडेंसी में जगह मिली, जिससे संगठन में उइगर प्रतिनिधित्व जारी रहा।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार की 2022 की रिपोर्ट

WUC ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (OHCHR) की 2022 की रिपोर्ट की चौथी वर्षगांठ भी याद की। इस रिपोर्ट में उइगर और अन्य तुर्किक समुदायों के खिलाफ गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों का जिक्र किया गया था। रिपोर्ट में कहा गया था कि ये घटनाएं "अंतरराष्ट्रीय अपराधों, विशेष रूप से मानवता के खिलाफ अपराधों" के दायरे में आ सकती हैं।

एथनिक यूनिटी लॉ

WUC का आरोप है कि चीन में ये नीतियां अब भी जारी हैं और हाल ही में लागू किया गया "एथनिक यूनिटी लॉ" (Ethnic Unity Law) सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को प्रभावित करने वाला कदम है।

उइगरों की धार्मिक पहचान पर असर

संगठन ने दावा किया कि इस कानून से उइगरों की भाषा, संस्कृति और धार्मिक पहचान पर असर पड़ सकता है और विदेशों में रहने वाले उइगर, तिब्बती, मंगोलियाई और चीनी असंतुष्टों पर दबाव बढ़ सकता है।

WUC ने दुनिया की सरकारों से चीन पर कूटनीतिक, कानूनी और आर्थिक दबाव बनाने की अपील की है। साथ ही कंपनियों से अपनी सप्लाई चेन में जबरन मजदूरी से जुड़े जोखिमों को खत्म करने और मानवाधिकार संगठनों से संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में मजबूत कार्रवाई की मांग करने को कहा है।

उइगर फोर्स्ड लेबर प्रिवेंशन एक्ट

वहीं,अमेरिका में सांसदों ने उइगर फोर्स्ड लेबर प्रिवेंशन एक्ट को और सख्ती से लागू करने की मांग की है। उन्होंने अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग से चीन में जबरन मजदूरी से जुड़े उत्पादों को रोकने के प्रयासों की जानकारी मांगी है।

अमेरिकी सांसदों ने खासतौर पर उन आरोपों पर चिंता जताई है जिनमें कहा गया है कि Labubu Dolls के उत्पादन में इस्तेमाल होने वाली कपास कथित तौर पर उइगर जबरन मजदूरी से जुड़ी हो सकती है।

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