पटना: बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच सियासत तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद सुधाकर सिंह ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बाढ़ के नाम पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है।

बाढ़ की आड़ में सरकार का भ्रष्टाचार

सुधाकर सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा, "बारिश के कारण बाढ़ जरूर आ रही है, लेकिन बाढ़ की आड़ में सरकार भ्रष्टाचार कर रही है। बाढ़ लाने में किसी का बड़ा योगदान नहीं हो सकता,लेकिन बाढ़ के नाम पर लूट जरूर हो रही है।"

RJD सांसद ने आरोप लगाया कि प्राकृतिक आपदा को राहत और प्रबंधन के बजाय भ्रष्टाचार के अवसर के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

दियारा इलाका पूरी तरह जलमग्न

इससे पहले बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और RJD नेता तेजस्वी यादव ने भी राज्य में बिगड़ती बाढ़ की स्थिति को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा कि गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से कई दियारा इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं और प्रभावित लोगों को तुरंत राहत सामग्री, आश्रय शिविर और सुरक्षा मुहैया करानी चाहिए।

तेजस्वी यादव ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की जान-माल की सुरक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि वह लगातार आपदा प्रबंधन टीमों के संपर्क में हैं और प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए नावों की व्यवस्था पर चर्चा चल रही है।

वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर रहे हैं और अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।

मीसा भारती ने किया प्रभावित इलाकों का निरीक्षण

पटना के मनेर इलाके में भी दियारा क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। RJD सांसद मीसा भारती ने RJD विधायक भाई वीरेंद्र और अधिकारियों के साथ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया।

मनेर प्रखंड की BDO पूजा कुमारी ने बताया कि छह पंचायतें पूरी तरह बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि दो पंचायतों पर आंशिक असर पड़ा है। प्रभावित लोगों के लिए दो जगह राहत शिविर लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं की पहचान की गई है और जरूरत पड़ने पर उन्हें नाव के जरिए स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।

कटिहार में भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन राहत कार्य चला रहा है। अंचल अधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार लोगों को सहायता दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि अगर 72 घंटे तक खाना बनाने की व्यवस्था नहीं हो पाती है तो प्रभावित परिवारों को सूखा राशन दिया जाता है या सामुदायिक रसोई के जरिए भोजन उपलब्ध कराया जाता है।

कटिहार में कई गांवों में पानी भरा

प्रशासन के अनुसार, कटिहार में पिछले दो-तीन दिनों से जलस्तर बढ़ने के कारण कई गांवों में पानी भर गया है और लोगों को ऊंचे स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

यह भी पढ़ें: सहारनपुर मस्जिद विध्वंस पर मौलाना मदनी का सवाल, बोले- न्यायिक प्रक्रिया को क्यों किया नजरअंदाज?