मध्य प्रदेश: कहते हैं कि बदलाव की शुरुआत किसी बड़े मंच से नहीं, बल्कि एक छोटी-सी कोशिश से होती है। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा के रहने वाले सुरेंद्र सिंह चौधरी, जिन्हें सोशल मीडिया पर ‘Bittu Tabahi’ के नाम से जाना जाता है, ने इस बात को सच कर दिखाया है। जिस नदी में गंदगी और प्लास्टिक का अंबार देखकर लोग आगे बढ़ जाते थे, उसी नदी में यह युवक खुद उतर गया और सफाई का काम शुरू कर दिया। अजनार नदी की सफाई से शुरू हुई यह मुहिम देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। उनकी मेहनत की चर्चा देशभर में हुई और उद्योगपति आनंद महिंद्रा से लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव तक ने उनके प्रयास की सराहना की। लेकिन कहानी का सबसे बड़ा मोड़ तब आया, जब उनकी मुहिम की चर्चा विदेश तक पहुंची और The Ocean Cleanup के फाउंडर और CEO Boyan Slat ने उन्हें अपनी संस्था के साथ काम करने का न्योता दे दिया।

कौन हैं ‘Bittu Tabahi’?
‘Bittu Tabahi’ का असली नाम सुरेंद्र सिंह चौधरी है। वह मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा क्षेत्र से हैं और पढ़ाई के साथ पर्यावरण को लेकर काम कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनके सफाई अभियान के वीडियो सामने आने के बाद लोग उन्हें ‘Bittu Tabahi’ के नाम से पहचानने लगे। उनकी खासियत यह रही कि उन्होंने नदी की खराब हालत देखकर केवल शिकायत नहीं की, बल्कि खुद सफाई के लिए नदी में उतरने का फैसला किया।

26 जनवरी से शुरू हुई सफाई की मुहिम
रिपोर्ट्स के मुताबिक सुरेंद्र ने 26 जनवरी 2026 से अजनार नदी की सफाई का काम शुरू किया। नदी में प्लास्टिक की बोतलें, पॉलिथीन, कचरा और काई जैसी गंदगी जमा थी। उन्होंने धीरे-धीरे इसे अपने हाथों से निकालना शुरू किया। शुरुआत में कुछ दोस्तों ने भी उनका साथ दिया, लेकिन बाद में यह जिम्मेदारी लगभग अकेले सुरेंद्र ने संभाल ली। उनका मकसद सिर्फ नदी के किनारे को साफ करना नहीं था, बल्कि लोगों को यह समझाना भी था कि जिस नदी से उन्हें पानी और जीवन मिलता है, उसमें कचरा डालना आखिरकार उसी समाज के लिए नुकसानदायक है।

अपनी जेब से खर्च किए हजारों रुपये
इस मुहिम के दौरान सुरेंद्र ने सफाई से जुड़े सामान और डस्टबिन जैसी चीजों पर अपनी जेब से भी पैसा खर्च किया। रिपोर्ट्स में उनके करीब 30 हजार रुपये तक खर्च करने की बात सामने आई है। यानी न कोई बड़ा बजट, न कोई बड़ी टीम और न ही किसी बड़े अभियान का इंतजार। उन्होंने जितना संभव हुआ, उतना खुद किया और लगातार अपने काम के वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते रहे।

गंदे पानी और मुश्किलों के बीच भी नहीं छोड़ा काम
नदी की सफाई करना कैमरे पर जितना आसान दिखाई देता है, असल में उतना ही मुश्किल है। गंदे पानी, कीचड़ और जमा कचरे के बीच घंटों काम करना पड़ता था। रिपोर्ट्स के मुताबिक सुरेंद्र को इस दौरान स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों और संक्रमण जैसी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा। यहां तक कि उन्हें नदी में सांपों का भी सामना करना पड़ा।

पहले और बाद की तस्वीरों ने खींचा लोगों का ध्यान
सुरेंद्र अपनी मुहिम के वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करते रहे। वीडियो में नदी की पहले की हालत और सफाई के बाद आया बदलाव दिखाई देता था। यही तस्वीरें और वीडियो लोगों को सबसे ज्यादा प्रभावित करने लगे। धीरे-धीरे उनकी कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हुई और देशभर में लोग उनके बारे में बात करने लगे।

आनंद महिंद्रा ने भी की तारीफ
जब सुरेंद्र की कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से फैली तो यह उद्योगपति आनंद महिंद्रा तक भी पहुंची। उन्होंने उनके प्रयास की सराहना की और उनकी कहानी को प्रेरणादायक बताया। इसके बाद ‘Bittu Tabahi’ नाम सोशल मीडिया पर और ज्यादा चर्चा में आ गया। एक सामान्य युवा द्वारा अपने आसपास की समस्या के खिलाफ शुरू की गई मुहिम अब हजारों लोगों तक पहुंच चुकी थी।

CM मोहन यादव से हुई मुलाकात
सुरेंद्र की मुहिम की चर्चा मध्य प्रदेश सरकार तक भी पहुंची। इसके बाद उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री मोहन यादव से हुई। मुख्यमंत्री ने उनके प्रयास की तारीफ की और नदी व जल स्रोतों को बचाने के लिए ऐसे प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया। इस मुलाकात ने सुरेंद्र की मुहिम को एक और बड़ा मंच दिया। लेकिन शायद उन्हें खुद भी अंदाजा नहीं था कि उनकी कहानी जल्द ही भारत की सीमाओं से बाहर जाने वाली है।

विदेश से आया जिंदगी बदलने वाला ऑफर
सुरेंद्र की कहानी का सबसे बड़ा मोड़ अब सामने आया है। दुनिया भर में नदियों और समुद्रों से प्लास्टिक प्रदूषण हटाने के लिए काम करने वाली संस्था The Ocean Cleanup के फाउंडर और CEO Boyan Slat ने सुरेंद्र के वीडियो और उनके काम को देखा। उनकी मेहनत से प्रभावित होकर Boyan Slat ने सुरेंद्र को अपनी संस्था के साथ काम करने का न्योता दिया। यानी जिस युवक ने अपने शहर की एक नदी को साफ करने से शुरुआत की थी, अब उसके काम पर दुनिया के एक बड़े पर्यावरण संगठन की नजर पड़ी है।

हालांकि विदेशी ऑफर के बाद सुरेंद्र आगे क्या फैसला लेते हैं, यह अभी देखना बाकी है। लेकिन इतना जरूर है कि अजनार नदी के किनारे शुरू हुई एक युवक की छोटी-सी मुहिम अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंच चुकी है। और शायद यही इस कहानी की सबसे बड़ी सीख है—बदलाव के लिए हमेशा बड़ी टीम, बड़ा बजट या बड़ा पद जरूरी नहीं होता। कभी-कभी एक इंसान का पहला कदम ही पूरी कहानी बदल देता है।

यह भी पढ़ें: Bigg Boss 20 Grand Premiere: आज रात खत्म होगा इंतजार, सलमान खान के साथ शुरू होगा बिग बॉस का नया सीजन