थाईलैंड का मशहूर पर्यटन शहर पटाया एक बार फिर सुर्खियों में है। वजह इस बार सिर्फ उसकी नाइटलाइफ़ नहीं, बल्कि अमेरिकी नौसेना के करीब 5 हजार सैन्यकर्मियों की प्रस्तावित आमद है। अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS Abraham Lincoln के पटाया के नजदीक लाम चाबांग बंदरगाह पर पहुंचने से पहले स्थानीय प्रशासन ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

इसी क्रम में पुलिस ने समुद्र तट और नाइटलाइफ़ इलाकों में सेक्स वर्क और कथित वेश्यावृत्ति नेटवर्क के खिलाफ अभियान शुरू किया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस कार्रवाई में दर्जनों लोगों को हिरासत में लिया गया है।

अमेरिकी सैनिकों के आने से पहले क्यों बढ़ी कार्रवाई?

पटाया लंबे समय से अपने मनोरंजन और नाइटलाइफ़ के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। ऐसे में हजारों अमेरिकी सैन्यकर्मियों के शहर के आसपास पहुंचने से बार, रेस्तरां, होटल और मनोरंजन कारोबार को बड़ी कमाई की उम्मीद है।

लेकिन अधिकारियों के सामने चुनौती सिर्फ पर्यटकों और सैनिकों की सुरक्षा की नहीं है। बड़ी संख्या में विदेशी आगंतुकों के आने के दौरान अवैध सेक्स कारोबार, मानव तस्करी, नाबालिगों के शोषण, ड्रग्स और ठगी जैसी गतिविधियों पर नियंत्रण रखना भी प्रशासन की प्राथमिकता बन गया है।

रिपोर्टों के मुताबिक, पटाया पुलिस ने इसी वजह से सार्वजनिक स्थानों और मनोरंजन क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई है।

समुद्र तट पर भी पुलिस की कार्रवाई

29 अगस्त को पटाया बीच पर हुई पुलिस कार्रवाई में कथित तौर पर सड़क पर ग्राहकों को तलाशने के आरोप में कम-से-कम 25 महिलाओं को हिरासत में लिया गया। इनमें थाईलैंड के अलावा लाओस और युगांडा की महिलाएं भी शामिल थीं।

अन्य रिपोर्टों में सेक्स वर्क से जुड़े मामलों में कुल 40 से 50 लोगों को पकड़े जाने की बात कही गई है।

पटाया पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक जगहों पर ग्राहकों को आकर्षित करने वाली गतिविधियों पर निगरानी रखना जरूरी है, क्योंकि ऐसी गतिविधियां कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती हैं।

अमेरिकी सैनिकों को भी दी गई हिदायत

31 अगस्त को पटाया सिटी हॉल में स्थानीय अधिकारियों, पुलिस और अमेरिकी सैन्य प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई। बैठक में अमेरिकी कर्मियों की सुरक्षा और शहर में उनके आवागमन से जुड़े इंतजामों पर चर्चा की गई।

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सर्विस मेंबर्स को ड्रग्स और कैनबिस से जुड़े आउटलेट्स से दूर रहने की सलाह दी गई है। उन्हें नाइटलाइफ़ इलाकों में जाने की अनुमति होगी, लेकिन देर रात तक बार और मनोरंजन स्थलों में रुकने से बचने को कहा गया है।

स्थानीय कारोबारियों को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अमेरिकी सैन्यकर्मियों को व्यावसायिक सेक्स सेवाएं उपलब्ध न कराई जाएं और खास तौर पर नाबालिगों से जुड़े किसी भी शोषण को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।

पटाया को आर्थिक राहत की उम्मीद

अमेरिकी जहाज़ की यात्रा सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से ही महत्वपूर्ण नहीं है। पटाया के कारोबारियों को इससे आर्थिक फायदा होने की भी उम्मीद है।

महीनों से पर्यटन गतिविधियों में सुस्ती के बीच हजारों अमेरिकी सैन्यकर्मियों का शहर के आसपास पहुंचना होटल, रेस्तरां, बार और दूसरे पर्यटन कारोबारों के लिए बड़ा अवसर माना जा रहा है।

पटाया के मेयर के हवाले से स्थानीय मीडिया ने अनुमान लगाया है कि एक अमेरिकी सैनिक प्रतिदिन करीब 1,000 से 3,000 थाई baht तक खर्च कर सकता है। 5 हजार लोगों की मौजूदगी से स्थानीय अर्थव्यवस्था में करोड़ों baht का कारोबार होने की संभावना बनती है।

अमेरिकी सैनिकों से पटाया का पुराना रिश्ता

पटाया का अमेरिकी सैन्यकर्मियों से जुड़ाव नया नहीं है। वियतनाम युद्ध के दौर में अमेरिकी सैनिकों के यहां छुट्टियां बिताने से इस छोटे से मछली पकड़ने वाले गांव के पर्यटन कारोबार को बड़ा बढ़ावा मिला था।

धीरे-धीरे पटाया अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र बन गया और उसकी पहचान समुद्र तट के साथ-साथ नाइटलाइफ़ और मनोरंजन उद्योग से भी जुड़ती चली गई।

यही वजह है कि आज अमेरिकी सैन्य जहाज़ के आने की खबर जहां स्थानीय कारोबारियों के लिए कमाई की उम्मीद लेकर आई है, वहीं पुलिस के लिए यह अतिरिक्त सुरक्षा चुनौती भी बन गई है।

अब प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती

पटाया में अमेरिकी सैन्यकर्मियों की मौजूदगी से स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा मिल सकता है, लेकिन प्रशासन यह भी सुनिश्चित करना चाहता है कि इस दौरान अवैध गतिविधियों और शोषण को बढ़ावा न मिले।

इसलिए अमेरिकी जहाज़ के पहुंचने से पहले की गई पुलिस कार्रवाई को सिर्फ सेक्स वर्क पर कार्रवाई के तौर पर देखना अधूरा होगा। यह बड़े पैमाने पर होने वाले विदेशी आगमन के दौरान कानून-व्यवस्था, मानव तस्करी और यौन शोषण पर नियंत्रण की व्यापक सुरक्षा रणनीति का हिस्सा भी है।

पटाया के लिए आने वाले कुछ दिन इसलिए अहम हैं—एक तरफ हजारों विदेशी मेहमान और उनसे होने वाली कमाई की उम्मीद है, तो दूसरी तरफ प्रशासन पर शहर की नाइटलाइफ़ को नियंत्रित रखने और गैर-कानूनी गतिविधियों पर लगाम लगाने का दबाव है।

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