इंडोनेशिया में रविवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.2 दर्ज की गई। भूकंप सुबह करीब 5:07 बजे आया। इसकी गहराई जमीन के नीचे लगभग 10 किलोमीटर बताई गई है।

क्यों आता है भूकंप?

भूकंप का मुख्य कारण पृथ्वी की सतह के नीचे मौजूद टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधियां हैं। ये प्लेटें लगातार गति करती रहती हैं। कई बार इनके आपस में टकराने, एक-दूसरे से दूर जाने या रगड़ने के कारण चट्टानों में दबाव और ऊर्जा जमा होती रहती है। जब यह ऊर्जा अचानक बाहर निकलती है, तो जमीन में कंपन पैदा होता है और इसे भूकंप के रूप में महसूस किया जाता है।

प्लेटों की सीमाओं के आसपास भूकंपीय गतिविधियां अधिक देखने को मिलती हैं। भूकंप का केंद्र जितना शक्तिशाली होगा, उसके झटके उतने ही बड़े क्षेत्र में महसूस किए जा सकते हैं।

कैसे पता चलती है भूकंप की तीव्रता?

भूकंप से निकलने वाली ऊर्जा भूकंपीय तरंगों के रूप में धरती के भीतर और सतह पर फैलती है। वैज्ञानिक इन तरंगों को रिकॉर्ड करने वाले उपकरणों की मदद से भूकंप का आकलन करते हैं। भूकंप की तीव्रता और उसके केंद्र से जुड़ी जानकारी इन्हीं रिकॉर्ड किए गए आंकड़ों के आधार पर निर्धारित की जाती है। भूकंप की तीव्रता बताने के लिए रिक्टर स्केल का नाम व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता है।

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भूकंप के दौरान क्या सावधानी बरतें?

  • अगर आप घर के अंदर हैं और बाहर निकलना तुरंत संभव नहीं है, तो किसी मजबूत टेबल या ठोस फर्नीचर के नीचे जाकर सिर और शरीर को सुरक्षित रखें।
  • खिड़कियों, शीशों और ऐसी वस्तुओं से दूर रहें जो गिरकर चोट पहुंचा सकती हैं।
  • झटके रुकने के बाद ही सावधानी से बाहर निकलें और संभव हो तो खुले स्थान पर जाएं।
  • बाहर निकलते समय लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें।
  • अगर आप वाहन चला रहे हैं, तो सुरक्षित जगह पर गाड़ी रोकें और झटके खत्म होने तक वाहन के अंदर ही रहें।
  • पुल, फ्लाईओवर, रैंप, बिजली के खंभों या अन्य असुरक्षित संरचनाओं के नीचे या पास वाहन न रोकें।
  • भूकंप के दौरान घबराने के बजाय शांत रहें और आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।