Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए लगातार कुख्यात बदमाशों का एनकाउंटर करती दिखाई दे रही है। इसी कड़ी में यूपी के गाजियाबाद में पुलिस की शातिर अपराधियों के खिलाफ एनकाउंटर की कार्रवाई देखने को मिली। पुलिस की इस कार्रवाई में दिल्ली एनसीआर में चोरी व लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले शातिर 1 लाख के इनामी बदमाश धर्मेंद्र बावरिया को एनकाउंटर में ढेर कर दिया है।
इस दौरान पुलिस ने 3 जवान भी कार्रवाई में बदमाशों की गोली लगने से घायल हो गए है। बदमाश के अन्य साथी पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहे। मृतक बदमाश के शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घायल पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती करवा दिया है। फिलहाल पुलिस फरार बदमाशों की तलाश में जुटी है। जानिए पुलिस की आगे क्या कुछ करेगी?
पुलिस को मिली थी सूचना
गाजियाबाद पुलिस को मुखबिर द्वारा बदमाश के निवाड़ी थाना क्षेत्र में मौजूदगी की सूचना मिली थी। जिसके बाद पुलिस सक्रिय हुई और टीम इनपुट के आधा पर गंग नगर के आस-पास पहुंची। पुलिस ने इलाके में घेराबंदी कर दी थी। इसी बीच बदमाशों को आता देख पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन पुलिस को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरु कर दी थी। DCP ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी के मुताबिक जैसे ही बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की उसी दौरान पुलिस ने भी बचाव करते हुए फायरिंग की। दोनों तरफ से ताबड़तोड़ फायरिंग हुई।
बदमाश के 2 अन्य साथी फरार
फायरिंग के दौरान ही पुलिस की गोली लगने से बदमाश धीरेंद्र उर्फ टीड्डी ढेर हो गया। बदमाश के 2 अन्य साथी मौके का फायदा उठाकर वहां से भागने में कामयाब हुए। फिलहाल पुलिस अधिकारियों ने फरार बदमाशों की तलाशी के लिए टीम का गठन कर दिया है। बता दें कि इस पूरी कार्रवाई के दौरान बदमाशों की गोली लगने से 3 पुलिसकर्मी भी घायल हो गए, जिन्हें पुलिस ने इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवा दिया है। डॉक्टरों ने उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई है।
कई जिलों की पुलिस को थी तलाश
बदमाशों के खिलाफ चलाए गए इस ऑपरेशन का नेतृत्व एडिशनल डीसीपी क्राइम पीयूष सिंह कर रहे थे। उन्होंने क्राइम ब्रांच प्रभारी अनिल राजपूत के साथ टीम बनाई। डीसीपी क्राइम पीयूष सिंह के मुताबिक अमरोहा के रहने वाले इस बदमाश का पूरा गैंग है। गैंग के बदमाश चोरी, लूट और डकैती जैसी गंभीर वारदातों को अंजाम देते थे। गाजियाबाद, बागपत, मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़ समेत अन्य कई जिलों की पुलिस तकरीबन 1 साल से इन बदमाशों को तलाश रही थी।