हैदराबाद: तेलंगाना के डिप्टी चीफ मिनिस्टर मल्लू भट्टी विक्रमार्क की अध्यक्षता में अल नीनो और पानी की कमी को गंभीरता से लेते हुए ऑल-पार्टी मीटिंग का आयोजन किया गया। इसमें AIMIM प्रेसिडेंट असदुद्दीन ओवैसी, AIMIM फ्लोर लीडर अकबरुद्दीन ओवैसी के साथ कई अधिकारी व नेता मीटिंग में शामिल हुए। इस मीटिंग में राज्य में एल नीनो के असर और सूखे के हालात पर चर्चा की गई। साथ ही, पीने के पानी, बिजली, खेती और ज़रूरी चीज़ों से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए तुरंत सुधार के उपाय करने की मांग की गई।

मीटिंग के दौरान, ओवैसी ने भट्टी विक्रमार्क को एक डिटेल्ड रिप्रेजेंटेशन दिया। जिसमें राज्य सरकार से जी चिन्ना रेड्डी की हेड वाली एक्सपर्ट कमिटी के बनाए कंटिंजेंसी एक्शन प्लान को लागू करने की अपील की गई। यह प्लान 30 जुलाई, 2026 को जमा किया गया था और इसके लिए 803 करोड़ रुपये के बजट की ज़रूरत थी। ओवैसी ने अपनी बात में कहा कि हमारे सामने हालात बहुत खराब हैं। उन्होंने तेलंगाना में बारिश की कमी और तालाबों में पानी जमा होने के घटते लेवल पर भी ज़ोर दिया।

मुख्य मांगें और सुझाव

पेयजल की कमी

ओवैसी ने राज्य में 65 मिलियन गैलन प्रतिदिन (MGD) पेयजल की कमी का संकेत दिया और इसे दूर करने के लिए ठोस कार्ययोजना की मांग की।

जल कियोस्क और शीतलन केंद्र

प्रमुख सड़कों और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर 300 से 500 मीटर के अंतराल पर मुफ्त पीने के पानी के कियोस्क, शीतलन केंद्र (कूलिंग सेंटर) बनाने और ओआरएस (ORS) पैकेट वितरित करने का सुझाव दिया।

पशुओं के लिए पानी

मवेशियों और जानवरों के लिए पीने के पानी की उचित व्यवस्था करने पर जोर दिया।

स्कूल के समय में बदलाव

दोपहर की भीषण गर्मी से बच्चों को बचाने के लिए स्कूलों के समय में आवश्यक बदलाव करने की अपील की।

खाद्य सुरक्षा और महंगाई

चीनी, खाद्य तेल, प्याज, अदरक, लहसुन, चिकन और अंडे जैसी आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताई और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का विस्तार करने की मांग की।

पारदर्शी निगरानी प्रणाली

पानी की आपूर्ति, कटौती और राहत उपायों की नियमित रिपोर्टिंग के लिए सार्वजनिक डैशबोर्ड जैसी समय-बद्ध निगरानी व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव रखा।

बारिश हुई कम

राज्य में 27 अक्टूबर तक नॉर्मल 825.4 mm के मुकाबले 619 mm बारिश हुई, जो 25 परसेंट की कमी है। तेलंगाना में अक्टूबर में नॉर्मल 75.6 mm के मुकाबले सिर्फ़ 3.5 mm बारिश हुई, जबकि हैदराबाद में नॉर्मल 88.5 mm के मुकाबले 2.8 mm बारिश रिकॉर्ड की गई। ओवैसी ने खरीफ 2026 सीजन के लिए 31 जिलों के 365 मंडलों को सूखा प्रभावित घोषित करने का भी ज़िक्र किया और ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों पर इसके असर को कम करने के लिए तुरंत कदम उठाने को कहा।

क्या बोले सीएम

सूखे और एल नीनो के हालात का रिव्यू और मॉनिटर करने के लिए डिप्टी चीफ मिनिस्टर की चेयरमैनशिप में कैबिनेट सब-कमेटी बनाने का स्वागत करते हुए, ओवैसी ने कहा कि मौजूदा राहत फ्रेमवर्क को हैदराबाद, साइबराबाद, मलकाजगिरी और आसपास के हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (HMDA) इलाके को कवर करने वाले एक डेडिकेटेड अर्बन समर एक्शन प्लान के साथ सप्लीमेंट करने की ज़रूरत है।

पीने के पानी की उपलब्धता पर चिंता जताते हुए ओवैसी ने बताया कि सिंगूर जलाशय अपनी क्षमता का 10.13 प्रतिशत पर है, जिसमें 3.03 हजार मिलियन क्यूबिक फीट (TMC) स्टोरेज है, जबकि इसकी क्षमता 29.92 TMC है। उन्होंने कहा कि हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड (HMWSSB) को सप्लाई करने वाले 8 में से 5 जलाशयों में कुल स्टोरेज 38.95 TMC की कैपेसिटी के मुकाबले 9.28 TMC है।

यह भी पढ़ें: दिल्ली की जिला अदालतों के वकीलों की अनिश्चितकालीन हड़ताल क्यों? Delhi Police ने संभाली व्यवस्था