Kanpur Metro Corridor 2: कानपुर के लोगों का सालों पुराना 'जाम-मुक्त' और हाई-टेक सुहाने सफर का सपना अब सच होने की दहलीज पर खड़ा है। शहर में रफ्तार की नई इबारत लिख रही कानपुर मेट्रो का विस्तार बेहद तेजी से आगे बढ़ रहा है। कॉरिडोर-2 (सीएसए से बर्रा-8) के 4.50 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड सेक्शन से एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है।
इस सेक्शन के कुल 4 प्रमुख स्टेशनों बर्रा-8, शास्त्री चौक, विजय नगर और बर्रा-7—पर प्लेटफॉर्म लेवल की ढलाई का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। स्टेशनों की बुनियाद ढलने के साथ ही अब शहरवासियों में नौबस्ता तक का सफर जल्द शुरू होने की उम्मीद और उत्सुकता दोनों चरम पर है।
अब लगेगा 'सिग्नल और पावर' का दिमाग: कॉनकोर्स लेवल पर काम शुरू
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) के जनसंपर्क अधिकारी पंचानन मिश्र के मुताबिक, प्लेटफॉर्म तैयार होते ही काम ने और रफ्तार पकड़ ली है। चारों एलिवेटेड स्टेशनों के कॉनकोर्स लेवल पर अब हाई-टेक 'तकनीकी कक्षों' का निर्माण शुरू कर दिया गया है। ये कमरे मेट्रो के 'दिमाग और नस' साबित होंगे, क्योंकि यहीं से सिग्नलिंग और टेलीकॉम सिस्टम को कंट्रोल किया जाएगा।
इलेक्ट्रिकल और ट्रैक्शन उपकरण लगाए जाएंगे, जो ट्रेनों के सुरक्षित और सुचारु संचालन को मुस्तैदी देंगे। इसके साथ ही, यात्रियों को धूप और बारिश से बचाने के लिए प्लेटफॉर्म की छत (पीईबी स्ट्रक्चर) बनाने की प्रक्रिया भी बहुत जल्द धरातल पर दिखने वाली है।
आईआईटी से कानपुर सेंट्रल के बाद अब नौबस्ता की बारी
फिलहाल 23.50 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर-1 पर आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक मेट्रो फर्राटा भर रही है। सेंट्रल से नौबस्ता के बीच बचे हुए रूट पर यात्री सेवाएं शुरू करने के लिए यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार पूरी तरह आश्वस्त नजर आ रहे हैं। दूसरी ओर, 8.60 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर-2 के सिविल निर्माण की गति बता रही है कि आने वाले दिनों में कानपुर का ट्रैफिक नक्शा पूरी तरह बदलने वाला है। धूल और ट्रैफिक से परेशान कानपुरियों के लिए मेट्रो का यह नया फेज एक बड़ी राहत की गारंटी लेकर आ रहा है।