Bulandshahr Industrial Corridor: उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास और रोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक और पहल तेज हो गई है। जेवर एयरपोर्ट लिंक एक्सप्रेसवे के किनारे बुलंदशहर और स्याना में औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने इसके लिए जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। योजना के तहत कुल 3,000 हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक गलियारा विकसित किया जाना प्रस्तावित है। यहां देशी-विदेशी कंपनियों की औद्योगिक इकाइयां स्थापित होने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

बुलंदशहर और स्याना में इतनी जमीन पर बनेगा कॉरिडोर
योजना के मुताबिक, औद्योगिक कॉरिडोर के लिए बुलंदशहर तहसील में 2,500 हेक्टेयर और स्याना तहसील में 500 हेक्टेयर जमीन प्रस्तावित है। दोनों क्षेत्रों में भूमि चिह्नांकन का काम तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है और यह प्रक्रिया अंतिम चरण में बताई जा रही है। चिह्नांकन पूरा होने के बाद औद्योगिक कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसके बाद विकास की अगली योजनाओं को अमलीजामा पहनाने का रास्ता साफ हो सकेगा।

83 किलोमीटर लंबा होगा जेवर एयरपोर्ट लिंक एक्सप्रेसवे
जेवर एयरपोर्ट लिंक एक्सप्रेसवे की प्रस्तावित लंबाई करीब 83 किलोमीटर है। इसके निर्माण के लिए पांच तहसीलों में लगभग 650 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया भी चल रही है। एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर औद्योगिक गलियारा विकसित करने की योजना है। इससे बेहतर कनेक्टिविटी के साथ औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, परियोजना के अलग-अलग चरणों में जमीन अधिग्रहण और विकास की प्रगति महत्वपूर्ण होगी।

स्थानीय युवाओं को मिल सकता है रोजगार का फायदा
औद्योगिक कॉरिडोर विकसित होने के बाद यहां विभिन्न कंपनियों और औद्योगिक इकाइयों की स्थापना का रास्ता खुल सकता है। इससे उत्पादन, तकनीकी सेवाओं, लॉजिस्टिक्स और अन्य क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। इसका फायदा बुलंदशहर और आसपास के इलाकों के युवाओं को मिल सकता है। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने से लोगों को नौकरी के लिए दूसरे जिलों या राज्यों की ओर जाने की जरूरत कम हो सकती है। हालांकि, कितनी कंपनियां आएंगी और कितने रोजगार सृजित होंगे, इसका वास्तविक आकलन परियोजना के आगे बढ़ने और निवेश आने के बाद ही हो सकेगा।

एनसीआर में बुलंदशहर के विकास को मिल सकती है गति
जेवर एयरपोर्ट और लिंक एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी को औद्योगिक विकास से जोड़ने की यह योजना बुलंदशहर के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि प्रस्तावित कॉरिडोर विकसित होता है और निवेश आकर्षित करने में सफल रहता है, तो जिले में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। यूपीडा के एक्सईएन आरसी मोघा के मुताबिक, बुलंदशहर तहसील में 2,500 हेक्टेयर और स्याना में 500 हेक्टेयर जमीन पर औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए भूमि चिह्नांकन का काम तेजी से चल रहा है।

परियोजना से जुड़ी प्रमुख बातें
एक्सप्रेसवे की प्रस्तावित लंबाई: 83 किलोमीटर
एक्सप्रेसवे के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण: 650 हेक्टेयर
बुलंदशहर तहसील में औद्योगिक कॉरिडोर: 2,500 हेक्टेयर
स्याना तहसील में औद्योगिक कॉरिडोर: 500 हेक्टेयर
कुल प्रस्तावित औद्योगिक भूमि: 3,000 हेक्टेयर

फिलहाल, परियोजना भूमि चिह्नांकन और अधिग्रहण की प्रक्रिया में है। आगे जमीन अधिग्रहण, औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और निवेश से जुड़े फैसले तय करेंगे कि यह योजना स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के कितने अवसर पैदा कर पाती है। 

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