UP Weather Today-Tomorrow: उत्तर प्रदेश में मानसून की गतिविधियां अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ रही हैं, लेकिन कुछ हिस्सों में बारिश का दौर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, 20 सितंबर को पूर्वी और पश्चिमी यूपी में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि, अगले कुछ दिनों में फिर बारिश का दौर लौट सकता है।
मौसम विभाग के 19 सितंबर को जारी पूर्वानुमान के अनुसार, 20 सितंबर को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए किसी तरह की मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। यानी ज्यादातर इलाकों में मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है।पूर्वी यूपी में 20, 21 और 22 सितंबर को मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। वहीं पश्चिमी यूपी में भी 20 से 24 सितंबर के बीच बारिश की गतिविधियां सीमित रहने की संभावना है।हालांकि, स्थानीय स्तर पर बादल छाने या कहीं-कहीं हल्की बारिश की स्थिति पूरी तरह खारिज नहीं की जा सकती। शहरवार मौसम में अंतर देखने को मिल सकता है। उदाहरण के लिए, IMD के अनुसार प्रयागराज में 20 सितंबर को बारिश या गरज-चमक की संभावना बनी हुई है, जबकि गाजियाबाद में मौसम मुख्य रूप से आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है।
23 से 25 सितंबर के बीच फिर बढ़ सकती है बारिश
बारिश का अगला दौर 23 सितंबर के बाद देखने को मिल सकता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 23, 24 और 25 सितंबर को कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने जैसी मौसमी गतिविधियां भी हो सकती हैं।पश्चिमी यूपी में 20 से 24 सितंबर तक मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने के बाद 25 सितंबर को कुछ स्थानों पर छिटपुट बारिश हो सकती है। हालांकि, IMD की 19 सितंबर की उप-विभागीय चेतावनी में 25 सितंबर तक किसी दिन के लिए अलग से चेतावनी जारी नहीं की गई है।
बारिश कम होने के बाद बढ़ सकती है गर्मी
बारिश की गतिविधियों में कमी आने के साथ प्रदेश के कई हिस्सों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। बादल कम होने पर धूप तेज हो सकती है और लोगों को उमस का सामना करना पड़ सकता है।IMD के शहरवार पूर्वानुमान में भी कुछ इलाकों में अगले कुछ दिनों के दौरान अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने का अनुमान है। गाजियाबाद में 20 सितंबर को अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री और 22-23 सितंबर के आसपास 37 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है।
गोंडा और मऊ में बाढ़-कटान की स्थिति
बारिश के साथ नदियों के जलस्तर का असर भी प्रदेश के कुछ इलाकों में देखने को मिल रहा है। गोंडा में घाघरा नदी का पानी कम होने के बाद कई गांवों से बाढ़ का पानी उतर गया है, हालांकि कुछ गांव अभी भी प्रभावित बताए जा रहे हैं। कटान के कारण खेती की जमीन को भी नुकसान हुआ है।मऊ में सरयू नदी के कटान से कृषि भूमि प्रभावित होने की खबर है। वहीं वाराणसी में गंगा का जलस्तर कम होने से घाटों की सीढ़ियों पर पानी का असर घटा है।