औरैया: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने देश की आर्थिक स्थिति को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने GDP के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार जिस आर्थिक विकास दर का दावा कर रही है, वह आम लोगों की जमीनी स्थिति से मेल नहीं खाती।

अखिलेश यादव ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि GDP एक गणना आधारित आंकड़ा है और भविष्य की आर्थिक वृद्धि को लेकर अनुमान लगाए जाते हैं। लेकिन अगर देश में बेरोजगारी बढ़ रही हो, महंगाई ज्यादा हो और पेट्रोल-डीजल महंगा हो, तो सिर्फ GDP के आंकड़ों से वास्तविक आर्थिक स्थिति का आकलन नहीं किया जा सकता।

जमीन पर हालात कुछ और हैं
सपा प्रमुख ने कहा कि आज बेरोजगारी की स्थिति गंभीर है और लोगों को पर्याप्त रोजगार नहीं मिल रहा है। महंगाई के साथ पेट्रोल और डीजल की कीमतों का भी उन्होंने जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब बुनियादी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं, तब सरकार की ओर से पेश किए जा रहे GDP के आंकड़ों को वास्तविक विकास का प्रतिबिंब नहीं माना जा सकता। अखिलेश ने यहां तक कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखकर ऐसा लगता है कि वास्तविक GDP वृद्धि शून्य के आसपास हो सकती है।

यूपी की सड़क और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी सवाल
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे और सरकारी सेवाओं की स्थिति को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने औरैया के बिधूना में अपने दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि जहां पहले चार लेन की सड़क बनी थी, वहीं आगे उसका विस्तार नहीं हो सका। उन्होंने सड़कों पर गड्ढों, एंबुलेंस सेवा की स्थिति और पुलिस की आपातकालीन सेवा को लेकर भी आरोप लगाए। अखिलेश यादव ने कहा कि डायल-100 पुलिस सेवा को खराब कर दिया गया है और पुलिस पर लोगों के साथ अन्याय करने के आरोप लगाए।

PM मोदी ने GDP को बताया भारत की ताकत
अखिलेश यादव की यह टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने भारत की आर्थिक वृद्धि को देश की ताकत और क्षमता का प्रमाण बताया था। प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए कहा था कि भारत कभी दुनिया के 'Fragile Five' देशों में गिना जाता था, लेकिन अब दुनिया भारत को सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में देख रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा था कि पश्चिम एशिया में युद्ध और व्यापार से जुड़ी चुनौतियों के बीच भी भारत ने 7.8 प्रतिशत की GDP ग्रोथ दर्ज की है। उन्होंने इसे भारत की आर्थिक ताकत और क्षमता का संकेत बताया।

सरकार के आंकड़ों में 7.8% GDP ग्रोथ
केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून में भारत की वास्तविक GDP वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही। Q1 FY27 में वास्तविक GDP का अनुमान करीब 81.36 लाख करोड़ रुपये लगाया गया, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 की इसी तिमाही में यह करीब 75.46 लाख करोड़ रुपये थी।

यह वृद्धि दर RBI के पहले लगाए गए 7 प्रतिशत के अनुमान से भी अधिक रही। RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की वास्तविक GDP वृद्धि का अनुमान भी बढ़ाकर 6.7 प्रतिशत किया है। वहीं, मौजूदा कीमतों पर आधारित नाममात्र GDP Q1 FY27 में करीब 88.27 लाख करोड़ रुपये रही, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के 80 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले करीब 10.3 प्रतिशत अधिक है।

यानी एक तरफ सरकार इन आंकड़ों को भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत बता रही है, वहीं अखिलेश यादव जैसे विपक्षी नेता GDP वृद्धि के दावों को बेरोजगारी, महंगाई और आम लोगों की जमीनी स्थिति के संदर्भ में चुनौती दे रहे हैं।