प्रयागराज: संगमनगरी प्रयागराज से चित्रकूट और मिर्जापुर की राह आने वाले दिनों में और आसान होने वाली है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) इन दोनों रूटों पर करीब 8,316 करोड़ रुपये की लागत से दो बड़ी सड़क परियोजनाओं को आगे बढ़ा रहा है। इन परियोजनाओं के तहत हाईवे को 4-लेन किया जाएगा और कई हिस्सों में नया ग्रीनफील्ड, कंट्रोल्ड-एक्सेस मार्ग विकसित किया जाएगा। गुरुवार को मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. की अध्यक्षता में हुई बैठक में दोनों परियोजनाओं के रूट और निर्माण से जुड़े पहलुओं पर चर्चा हुई। अधिकारियों के मुताबिक, इन सड़कों के बनने से जाम कम होगा, यात्रा का समय घटेगा और ईंधन की भी बचत होगी। इसका सीधा लाभ धार्मिक पर्यटन, व्यापार और स्थानीय उद्योगों को मिलने की उम्मीद है।

चित्रकूट के लिए बनेगा नया ग्रीनफील्ड हाईवे
प्रयागराज और चित्रकूट के बीच प्रस्तावित मार्ग पूरी तरह नया ग्रीनफील्ड और कंट्रोल्ड-एक्सेस हाईवे होगा। इसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों से अलग विकसित करने की योजना है। इससे प्रयागराज से चित्रकूट धाम और गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली राजापुर के बीच तेज और सीधा संपर्क मजबूत होगा। नए मार्ग के तैयार होने से शहर और कस्बों के बीच लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। साथ ही चित्रकूट जाने वाले श्रद्धालुओं और दूसरे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

नैनी से मिर्जापुर तक 4-लेन होगा NH-35
दूसरी बड़ी परियोजना के तहत लेप्रोसी चौराहा (नैनी) से मिर्जापुर बाईपास तक करीब 80.79 किलोमीटर लंबे मार्ग को 4-लेन किया जाएगा। वर्तमान में यह सड़क 2-लेन है। परियोजना पर करीब 4,495.43 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसमें सड़क को चौड़ा करने के साथ खतरनाक और घुमावदार मोड़ों को सीधा किया जाएगा। जरूरत के अनुसार बाईपास भी बनाए जाएंगे। इससे मिर्जापुर और विंध्याचल जाने वाले श्रद्धालुओं के साथ भारी वाहनों को भी सुगम रास्ता मिलेगा। बेहतर सड़क डिजाइन से हादसों का खतरा कम करने में भी मदद मिलेगी।

दक्षिण प्रयागराज को भी मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी
बैठक में मंडलायुक्त ने कहा कि सड़क परियोजनाओं का लाभ केवल उत्तरी प्रयागराज तक सीमित नहीं रहना चाहिए। दक्षिण प्रयागराज और नैनी क्षेत्र को भी इन परियोजनाओं से बेहतर तरीके से जोड़ने पर जोर दिया गया। इसके लिए मंत्रालय को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए हैं। प्रयागराज विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ऋषि राज ने हाईवे को प्रस्तावित एयरोसिटी, नैनी इंडस्ट्रियल हब, लेप्रोसी चौराहा और प्रस्तावित मेट्रो रूट से बेहतर तरीके से जोड़ने का सुझाव दिया।

रिंग रोड से शहर में भारी वाहनों का दबाव होगा कम
मिर्जापुर की तरफ से प्रयागराज आने वाले भारी वाहनों को शहर के भीतर प्रवेश करने से रोकने के लिए रिंग रोड और सिरसा क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत करने की योजना पर भी चर्चा हुई। इससे बड़े धार्मिक आयोजनों और मेलों के दौरान शहर की सड़कों पर भारी वाहनों का दबाव कम किया जा सकेगा।

मंत्रालय से मिल चुकी है रूट को मंजूरी
अधिकारियों के मुताबिक, दोनों परियोजनाओं के रूट यानी अलाइनमेंट को मंत्रालय स्तर से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। अब स्थानीय स्तर पर विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बनाकर जमीन और निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं को गति देने की तैयारी है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद प्रयागराज से चित्रकूट और मिर्जापुर की कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ क्षेत्र में पर्यटन, कारोबार और औद्योगिक गतिविधियों को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।