Aligarh Moradabad Greenfield Highway: उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने की दिशा में अलीगढ़-मुरादाबाद ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना को आगे बढ़ाने की कवायद तेज हो गई है। संभल जिले में प्रस्तावित हाईवे से प्रभावित 53 गांवों के राजस्व अभिलेख जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी (एसएलओ) एवं सिटी मजिस्ट्रेट युवराज सिंह ने संभल और गुन्नौर तहसील के तहसीलदारों को पत्र भेजकर खतौनियां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इन अभिलेखों के मिलने के बाद भूमि अधिग्रहण से जुड़ी आगे की कार्रवाई को गति मिलने की उम्मीद है।
115 किलोमीटर लंबे हाईवे से बेहतर होगा सड़क संपर्क
करीब 115 किलोमीटर लंबे अलीगढ़-मुरादाबाद ग्रीनफील्ड हाईवे का निर्माण अलीगढ़ से मुरादाबाद के बीच प्रस्तावित है। इसे चार से छह लेन के एक्सेस कंट्रोल्ड कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना है। इस परियोजना का एलाइनमेंट संभल जिले से होकर गुजरेगा। प्रस्तावित मार्ग के जरिए क्षेत्र में आवागमन बेहतर होने के साथ औद्योगिक गलियारों तक पहुंच आसान बनाने की उम्मीद है।
53 गांवों की खतौनियों से आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में संबंधित गांवों की खतौनियां महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं। इनमें जमीन और उसके खातेदारों से जुड़े राजस्व विवरण दर्ज होते हैं। संभल जिले में इन अभिलेखों को जुटाने के लिए प्रशासन ने तहसील स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। एसएलओ की ओर से भेजे गए पत्र के अनुसार, संभल तहसील के 36 और गुन्नौर तहसील के 17 गांवों की खतौनियां उपलब्ध कराई जानी हैं। एनएचएआइ के प्रतिनिधि संबंधित तहसीलों में पहुंचकर राजस्व अभिलेख एकत्र करेंगे और उन्हें मुरादाबाद स्थित एसएलओ कार्यालय में जमा करेंगे।
मुरादाबाद जिले से संबंधित खतौनियां पहले ही प्राप्त हो चुकी हैं। अब संभल के गांवों के अभिलेख जुटाने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि परियोजना से जुड़ी आगे की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से बढ़ाया जा सके।
गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ने की भी योजना
प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हाईवे संभल से होकर बुलंदशहर की दिशा में अलीगढ़ पहुंचेगा। इसे गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की भी योजना है। इससे मुरादाबाद और अलीगढ़ के बीच सीधा सड़क संपर्क बेहतर होने और क्षेत्रीय औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। हालांकि, परियोजना की अगली प्रक्रिया संबंधित भूमि अभिलेखों और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई पर निर्भर करेगी।
गुन्नौर तहसील के इन गांवों की खतौनियां जुटाई जानी हैं
गुन्नौर तहसील के अंतर्गत जिजोड़ा सैलाब, जिजोड़ा डांडा, भीकमपुर जागीर डांडा, तुमरिया खादर, कहरोला पट्टी शाकरी, कहरोला गर्वी, चाउपुर सैलाब, चाऊपुर डांडा, दुपटा कलां, भीकमपुर जैनी और चंदूनगला गांव शामिल हैं। इसके अलावा रामपुर मोहकम, सिंघोली कल्लू, बहटकरन, एवजपुर, देवपुरा, जहानपुर, खगूपुरा, बरोरा, निजामपुर, भैंसरौली, मुटैना रतन कुंवर, मुतेना गिरधारी सिंह, हरूपुरा चेतसिंह, उदारनपुर खागी चेतसिंह, भवावाला, हरूपुरा हिम्मत सिंह, लहारा रतू और इकोना गांव के राजस्व अभिलेख भी जुटाए जाने हैं।
संभल तहसील के इन गांवों की जमीन भी दायरे में
संभल तहसील के अंतर्गत कुदरसी, लखनपुर, मुबारिकपुर, सकरपुर तारनपुर, चाचू नगला, टंडोनवाला, गौहट, राजहरा सलेमपुर, बगरपुर इम्मा, नूरपुर ततारपुर, नारांगपुर, रुदायन, लदनपुर शहवाजपुर, खिरनी मोहिउद्दीनपुर, बहादरपुर सराय उर्फ रामपुर, मूसा एसापुर, चूहरपुर, बेनीपुर चक और कबलपुर सरल गांव शामिल हैं। वहीं, गांदीपुरा, नरोतमसरल, रुकनुद्दीन सराय, रसूसीपुर सरल, तुरतीपुर इल्हा, इमादुल मुल्क, हिंदूपुरा, जलालपुर मोहम्मदाबाद, भोलेश्वर, नाहर थेर, खानपुर खुम्मार, मंडियाल, तस्तपुर, फर्राखपुर, कटौनी, फूलसिंघा, बरीपुर भमरवा, धर्मपुर सानी, सिरसी देहात, पोटा और धूरा गांव भी परियोजना से संबंधित सूची में शामिल हैं।
अब आगे की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
अलीगढ़-मुरादाबाद ग्रीनफील्ड हाईवे क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण सड़क परियोजना मानी जा रही है। संभल के 53 गांवों की खतौनियां जुटाने की पहल को भूमि अधिग्रहण की दिशा में एक अहम प्रशासनिक कदम माना जा सकता है। अब राजस्व अभिलेख उपलब्ध होने के बाद आगे की कार्रवाई किस रफ्तार से बढ़ती है, इस पर नजर रहेगी।