Mallikarjun Kharge: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की जनसभा के बाद किए गए 'शुद्धिकरण' अनुष्ठान को लेकर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। खड़गे ने नड्डा को लिखे पत्र में उत्तराखंड सरकार को मामले में FIR दर्ज करने के निर्देश देने का आग्रह किया है।
'24 दिन बीत चुके हैं,अभी तक FIR दर्ज नहीं हुई'
खड़गे ने अपने पत्र में कहा कि इस घटना को 24 दिन बीत चुके हैं, लेकिन इसके लिए जिम्मेदार लोगों और संगठनों के खिलाफ अब तक FIR दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने नड्डा को राज्यसभा में दिए गए आश्वासन की भी याद दिलाई और कहा कि उस आश्वासन के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
'मामला व्यक्तिगत नहीं, करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा'
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह मामला केवल उनके व्यक्तिगत स्तर या कांग्रेस अध्यक्ष के पद तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे देश के करोड़ों लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। उन्होंने इस तरह की घटनाओं को लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। खड़गे ने नड्डा से उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को निर्देश देने की मांग की, ताकि हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कथित 'शुद्धिकरण' अनुष्ठान में शामिल लोगों और संगठनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हो सके।
8 अगस्त की कांग्रेस रैली के बाद शुरू हुआ विवाद
विवाद 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की एक जनसभा के बाद सामने आया। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, रैली के बाद एक समूह से जुड़े लोगों ने उसी स्थान पर कथित तौर पर 'शुद्धिकरण' की रस्म की। कांग्रेस ने इसे जातिगत भेदभाव और छुआछूत से जोड़ते हुए कड़ी आपत्ति जताई। खड़गे ने राज्यसभा में यह मुद्दा उठाते हुए सवाल किया था कि क्या लोकतंत्र में इस तरह की प्रथाओं को स्वीकार किया जा सकता है। उन्होंने अपनी दलित पहचान के लिए इस घटना को गंभीर बताया।
बीजेपी ने आरोपों को किया खारिज
वहीं, बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि घटना में कोई जातिगत पहलू नहीं था। उन्होंने कांग्रेस पर हिंदू समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। इस विवाद के बीच 30 अगस्त को राहुल गांधी के खिलाफ भी FIR दर्ज की गई। यह मामला वाल्मीकि समुदाय के सदस्य अमित कुमार की शिकायत पर दर्ज हुआ, जिसमें आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी की टिप्पणियों से अनुसूचित जाति समुदाय की भावनाएं आहत हुईं। पुलिस ने SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराओं 3(1)(r) और 3(1)(u) तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 196 के तहत मामला दर्ज किया।
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राहुल गांधी ने बताया था 'छुआछूत का दूसरा नाम'
इससे पहले राहुल गांधी ने कथित शुद्धिकरण अनुष्ठान की आलोचना करते हुए इसे 'छुआछूत का ही दूसरा नाम' बताया था। उन्होंने घटना में शामिल लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की थी और इसे संविधान के मूल्यों का उल्लंघन करार दिया था। अब खड़गे के पत्र के बाद यह विवाद एक बार फिर राजनीतिक केंद्र में आ गया है। उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले यह मुद्दा कांग्रेस और बीजेपी के बीच सामाजिक न्याय, जातिगत भेदभाव और संवैधानिक मूल्यों को लेकर राजनीतिक बहस को और तेज कर सकता है।