यमुना सिटी में औद्योगिक गतिविधियों के तेजी से विस्तार के साथ श्रमिकों की मांग भी लगातार बढ़ रही है। इसे देखते हुए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने चार सेक्टरों में लेबर चौक विकसित करने की तैयारी शुरू की है। प्रस्तावित लेबर चौक सेक्टर-8, 14, 24 और 34 में बनाए जाएंगे। इसका उद्देश्य श्रमिकों और ठेकेदारों को रोजगार के लिए एक निर्धारित स्थान उपलब्ध कराना है।

रोजगार के साथ रहने की सुविधा

ये लेबर चौक नोएडा और ग्रेटर नोएडा के मौजूदा लेबर चौकों से अलग होंगे। यहां श्रमिकों को केवल काम तलाशने की सुविधा ही नहीं, बल्कि रहने के लिए आवास भी उपलब्ध कराने की योजना है। अधिकारियों के मुताबिक, अलग-अलग स्थानों पर आवास के लिए करीब 5 हजार वर्गमीटर या उससे कम जमीन उपलब्ध कराई जा सकती है।

श्रमिकों को गर्मी, बारिश और तेज धूप से बचाने के लिए शेड बनाए जाएंगे। परिसर में पीने का पानी, शौचालय, बैठने और आराम करने जैसी बुनियादी सुविधाएं भी होंगी। श्रमिकों और नियोक्ताओं के बीच संपर्क आसान बनाने के लिए सूचना या सहायता केंद्र विकसित करने पर भी विचार किया जा रहा है।

सड़क किनारे नहीं तलाशना पड़ेगा काम

वर्तमान में ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों को अलग-अलग स्थानों से श्रमिकों की व्यवस्था करनी पड़ती है। वहीं, कई श्रमिक काम की तलाश में सड़क किनारे या खुले स्थानों पर खड़े दिखाई देते हैं। लेबर चौक बनने से उन्हें सुरक्षित और निर्धारित जगह पर रोजगार तलाशने का अवसर मिलेगा। इससे यातायात व्यवस्था और आसपास के क्षेत्रों में भी सुधार की उम्मीद है।

ये भी पढ़ें: 30 दिन शक्कर न खाने से शरीर पर क्या प्रभाव पड़ते है? 

400 औद्योगिक इकाइयां निर्माणाधीन

यमुना सिटी में औद्योगिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। फिलहाल करीब 400 औद्योगिक इकाइयां निर्माणाधीन हैं, जबकि 35 से अधिक इकाइयों में उत्पादन शुरू हो चुका है। प्राधिकरण का लक्ष्य इस साल के अंत तक करीब 200 औद्योगिक इकाइयों को चालू करना है। इसके अलावा फिनटेक, फिल्म सिटी, जापानी सिटी, ताइवान सिटी और कोरियन-अमेरिकन सिटी जैसी बड़ी परियोजनाओं के विकास से आने वाले समय में श्रमिकों की मांग और बढ़ने की संभावना है।