अक्सर देखा गया है कि प्यार में धोखा मिलने के बाद प्रेमी अपनी प्रेमिका से ब्रेकअप कर लेता है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है, कि प्यार में धोखा मिलने के बाद पेपर लीक का भी खुलासा हो सकता है। जी हां दरअसल महाराष्ट्र में ड्रग इंस्पेक्टर की भर्ती परीक्षा 22 मार्च को आयोजित हुई थी। लेकिन 2 दिन पूर्व ही WhatsApp पर 20 से भी ज्यादा सवाल एक ही झटके में बिक गए। इसका नतीजा यह रहा कि, परीक्षा कैंसिल हुई जिसके बाद एक बार फिर से देश के लाखों युवाओं की मेहनत पर पानी फिर गया। महाराष्ट्र ड्रग इंस्पेक्टर एग्जाम स्कैम का पर्दाफाश हुआ। इसमें खुलासा तब हुआ है जब मुंबई क्राइम ब्रांच महाराष्ट्र पब्लिक सर्विस कमीशन (MPSC) द्वारा आयोजित ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में पेपर लीक की जांच हुई। बता दें कि इस पूरे मामले में अभी तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जिनमें कमीशन के एडिशनल सेक्रेटरी अभिजीत लेंडवे और 3 अन्य अधिकारी भी शामिल हैं। लेकिन आगे हम आपको बताएंगे कि कैसे प्रेम कहानी में मिली धोखेबाजी से इस परीक्षा घोटाले की पोल खोल दी।
परीक्षा में बैठी और ड्रग इंस्पेक्टर पोस्ट के लिए क्वालीफाई हुई
गौरव पाटिल ने पेपर लीक का खुलासा उस समय किया जब एक महिला कैंडिडेट के साथ उसका रिश्ता टूट गया। दरअसल प्रेमिका ने अपने ब्रेकअप से पहले अपने प्रेमी यानी गौरव पाटिल को कथित तौर पर परीक्षा से जुड़े प्रश्न पत्र मिलने का स्कीनशॉट अपने बॉयफ्रेंड से शेयर किया था। बता दें कि महिला कैंडिडेट को 22 मार्च के स्क्रीनिंग टेस्ट से ठीक 2 दिन पहले प्रश्न पत्र मिला था। सूत्रों की माने तो पेपर लीक फिर प्यार और ब्रेकअप के बाद 5 लाख में हुई फाइनल डील के बारे में बताते हुए गौरव ने कहा कि- पिता ने नंदुरबार में एक कोचिंग-क्लास चलाने वाले प्रवीण पाटिल को 5 लाख रुपये एडवांस में दिए थे, जहां वह कथित तौर पर पढ़ रही थी। वह परीक्षा में बैठी और ड्रग इंस्पेक्टर पोस्ट के लिए क्वालीफाई हो गई। ब्रेकअप के बाद,गौरव ने उससे बात करने की कोशिश की। लेकिन बाद में गौरव ने ईमेल में दावा किया कि उसने पेपर-लीक का आरोप गढ़ा था, इसके बाद दोनों दावों को लेकर जांच की जा रही है।
कोचिंग क्लास ऑपरेटर के फोन की होगी जांच
जांच अधिकारी अब दोनों दावों की जांच कर रहे हैं। गौरव को गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि महिला कैंडिडेट को सिर्फ एक नोटिस थमाया गया है। महिला ने भी दावा कर कहा है कि 90 प्रश्न थे लेकिन उसने केवल 78 सवाल के ही जवाब दिए। जांच अधिकारी अब महिला कैंडिडेट के पेपर के बाद कोचिंग क्लास ऑपरेटर को किए गए फोन कॉल की भी जांच कर रहे हैं। लेकिन सूत्र मान रहे हैं कि कैंडिडेट ने संदेह न हो उससे बचने के लिए एग्जाम के दौरान जानबूझकर कम सवाल दिए।
एक और कैंडिडेट ने सवाल उठाए
इस पेपर लीक को लेकर एक और कैंडिडेट गंगुर्डे ने भी MPSC की चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। गंगुर्डे ने रिक्रूटमेंट प्रोसेस पर सवाल उठाए थे। गंगुर्डे ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था जिसमें बिना मार्क्स के कैटेगरी-वाइज़ लिस्ट जारी करने पर सवाल उठाया था और पूछा था कि कैंडिडेट्स को इंटरव्यू के लिए कैसे शॉर्टलिस्ट किया गया था। गौरव को गंगुर्डे का वीडियो मिला और बाद में उसने उनसे कॉन्टैक्ट किया। बाद में दोनों की मुलाकात हुई। जिसके बाद मामला और तूल पकड़ गया।
MPSC ने रिक्रूटमेंट प्रोसेस कैंसिल किया
इस विवाद के बीच MPSC ने फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के तहत ग्रुप-B ड्रग इंस्पेक्टर पोस्ट के लिए पूरी रिक्रूटमेंट प्रोसेस कैंसिल कर दी। अब एक नया एग्ज़ाम होगा। जिन कैंडिडेट ने ओरिजिनल एग्ज़ाम के लिए अप्लाई किया है, उन्हें नए एप्लीकेशन जमा नहीं करने होंगे और न ही कोई और एग्ज़ाम फ़ीस देनी होगी। री-एग्ज़ाम की तारीख अभी अनाउंस नहीं की गई है। स्क्रीनिंग एग्ज़ाम 22 मार्च को पूरे महाराष्ट्र में 6 डिवीज़न हेडक्वार्टर के सेंटर पर ऑफ़लाइन हुआ था। इसके रिज़ल्ट 12 जून को डिक्लेयर किए गए थे, शुरू में 506 कैंडिडेट्स को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था। 1 जुलाई से 22 जुलाई के बीच 488 कैंडिडेट्स के इंटरव्यू हुए। इस प्रक्रिया के बाद कमीशन ने ड्रग इंस्पेक्टर पोस्ट के लिए 488 कैंडिडेट्स की एक प्रोविज़नल मेरिट लिस्ट पब्लिश की – जिसमें 485 अयोग्य कैंडिडेट्स और तीन को इनएलिजिबल डिक्लेयर किया गया था।
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