Kharge on Sagar Poisonous Liquor Tragedy: कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से 31 लोगों की मौत को लेकर BJP सरकार पर तीखा हमला बोला है। खड़गे ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इंसानी जान की कीमत समझने और इस मामले में जवाबदेही तय करने में नाकाम रही है।
मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा लाँग चुकी है। उदासीनता व लापरवाही का आलम यह है कि अब लोगों की जान की भी कोई कीमत नहीं बची।
— Mallikarjun Kharge (@kharge) September 10, 2026
सागर जिले में जहरीली शराब से 31 लोगों की जान जा चुकी है। 11 लोग अब भी जिंदगी और मौत से लड़ रहे हैं।
31 परिवार उजड़ गए - किसी का बेटा… pic.twitter.com/sORMTyKJOf
X पर पोस्ट करते हुए खड़गे ने कहा कि मध्य प्रदेश में BJP सरकार के शासन में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही चरम पर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि सागर जिले में जहरीली शराब से 31 लोगों की जान चली गई, जबकि 11 लोग अब भी जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।
कई घटनाओं का हवाला देकर साधा निशाना
खड़गे ने मृतकों के परिवारों की स्थिति का जिक्र करते हुए सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसी परिवार ने बेटा, किसी ने पिता और किसी ने पति खोया है, लेकिन सरकार इसे केवल एक और हादसे के तौर पर देख रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने मध्य प्रदेश में खराब शराब, दूषित पानी और दवाओं से जुड़ी कथित मौतों की अन्य घटनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बालाघाट में बच्चों की मौत, इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों और जहरीली कफ सिरप से बच्चों की मौत का हवाला देते हुए इन्हें प्रशासनिक विफलता बताया।
16 आरोपी गिरफ्तार
सागर जिले के बांदा क्षेत्र में नकली शराब पीने के बाद कई लोगों के बीमार पड़ने की सूचना के बाद प्रशासन ने प्रभावित गांवों में स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान शुरू किया है। मरीजों की लगातार निगरानी की जा रही है। सागर के पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के अनुसार, मामले में नामजद 30 आरोपियों में से 16 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
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अवैध शराब नेटवर्क की जांच तेज
पुलिस अब कथित अवैध शराब सप्लाई नेटवर्क की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि पीड़ितों तक शराब कहां से पहुंची और इसकी सप्लाई तथा वितरण में कौन-कौन लोग शामिल थे। प्रशासन की कार्रवाई के बीच इस घटना ने राज्य में अवैध शराब के कारोबार और सरकारी निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।